
बरेली, 1 जुलाई 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बरेली मंडल के विकास कार्यों को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया है। जनप्रतिनिधियों के करीब 2200 प्रस्तावों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सभी स्वीकृत कार्य योजनाओं को हर हाल में 15 जुलाई तक अंतिम मंजूरी दी जाए। बजट जारी होते ही 15 अगस्त तक सड़क, पुल एवं अन्य विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन शुरू करा दिया जाए।
उन्होंने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। समय सीमा में काम पूरा न करने वाले अधिकारियों व एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सर्किट हाउस सभागार में आयोजित पीडब्ल्यूडी की मंडलीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत योजनाओं की औपचारिकताएं तय समय में पूरी कर बजट जारी कराया जाए जिससे विकास कार्य बिना किसी देरी के धरातल पर उतर सकें। सीएम ने कहा कि प्रदेश में बेहतर आधारभूत ढांचे का निर्माण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने नगर निगम द्वारा खरीदे गए 60 अत्याधुनिक स्वच्छता वाहनों को सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें 6 रोबोटिक मैनहोल सीवर क्लीनिंग मशीनें, 2 स्किड लोडर, 50 सीएनजी ऑटो टिपर और 2 बैकहो लोडर शामिल हैं। इन आधुनिक मशीनों से शहर की सफाई व्यवस्था अधिक सुरक्षित, तेज और प्रभावी होगी। सीवर सफाई में मानव श्रम पर निर्भरता काफी कम होगी।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि नए सीएनजी ऑटो टिपरों के माध्यम से घर-घर से गीला व सूखा कूड़ा, स्पेशल केयर वेस्ट और सैनिटरी वेस्ट आदि चार अलग-अलग श्रेणियों में एकत्र किया जाएगा। वहीं रोबोटिक मैनहोल मशीनें बिना किसी व्यक्ति को सीवर में उतारे 360 डिग्री सफाई करने में सक्षम हैं। स्किड लोडर और बैकहो लोडर का उपयोग नालों की सिल्ट हटाने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और बेहतर बनाने में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस परिसर में बेल का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने एक ट्रस्ट की मोबाइल नेत्र चिकित्सा सेवा वैन का उद्घाटन किया। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके घरों के निकट ही नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी।






