
लखनऊ, 15 जुलाई 2026
विश्व युवा कौशल दिवस पर बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को कौशल, रोजगार और उद्यमिता का नया मंत्र दिया। मुख्यमंत्री ने कौशल सारथी और कौशल सेतु मॉड्यूल लॉन्च करने के साथ कौशल विकास की उपलब्धियों पर आधारित ‘कौशलम’ पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ एमओयू भी हुए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उच्च वेतन पर नियुक्ति पाने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवा आइकॉन को सम्मानित किया। श्रेष्ठ कार्य करने वाले राजकीय आईटीआई, प्रशिक्षण प्रदाताओं और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन एजेंसियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले प्रदेश में भर्ती निकलती थी तो ‘चाचा-भतीजे की जोड़ी’ वसूली के लिए निकल जाती थी। आज प्रदेश में 9 लाख युवाओं को मेरिट के आधार पर नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था। सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता नहीं थी। भर्ती प्रक्रियाएं विवादों में घिर जाती थीं।
सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश कभी बीमारू राज्य नहीं था बल्कि तत्कालीन सरकारों की कार्यशैली और मानसिकता बीमारू हो गई थी। जिस सरकार के पास युवाओं के लिए रोजगार न हो, जो कारीगरों को पलायन के लिए मजबूर करे और किसानों का सम्मान न करे, ऐसी सरकार के लिए लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, रोजगार और सम्मान देने वाला प्रदेश बन रहा है। बेटियां और व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से उद्यमिता और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा कि बड़े उद्यमियों ने भी कभी स्टार्टअप से ही शुरुआत की थी। प्रदेश के हर जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर स्किलिंग सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। विदेश जाकर काम करने के इच्छुक युवाओं के लिए भी सरकार आवश्यक व्यवस्थाएं करेगी।

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2026-27 में 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग का बजट नौ गुना बढ़ाकर 3,310 करोड़ रुपये किया गया है। टाटा समूह के साथ 7,000 करोड़ रुपये का CSR एमओयू हुआ है। इसके तहत प्रदेश के 225 आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
‘कौशल सारथी’ पोर्टल पर सभी प्रशिक्षण केंद्रों का वर्षवार विवरण उपलब्ध होगा, जबकि ‘कौशल सेतु’ प्रशिक्षण प्रदाताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ेगा। युवाओं को एआई, रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे आधुनिक ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत स्कूली विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत गरीब परिवारों के युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगजनों को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है।

कार्यक्रम में कृष्ण कुमार साहू, भावना दुबे, ज्ञान प्रकाश वर्मा, राजरानी, शुभ्रा विश्वास समेत कई युवाओं ने कौशल प्रशिक्षण के बाद मिली सफलता के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रदेश की युवा शक्ति के दम पर उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करेगा।





