
लखनऊ/मैनपुरी, 27 जुलाई 2026:
सपा का गढ़ कहे जाने वाले यूपी के मैनपुरी से सीएम योगी आदित्यनाथ ने विकास के साथ-साथ सियासी संदेश भी दिया। रविवार को 682 करोड़ रुपये की लागत वाली 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने अपने पूरे संबोधन में सपा सरकार के कार्यकाल को निशाने पर रखा और कहा कि उत्तर प्रदेश अब दंगा, माफिया और परिवारवाद की राजनीति से निकलकर विकास, सुरक्षा और उत्सव की पहचान वाला राज्य बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा और धार्मिक आयोजनों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले समाजवादी पार्टी यह कहती थी कि कांवड़ यात्रा निकली तो दंगे हो जाएंगे। शिवभक्तों को शंख और घंटा तक नहीं बजाने दिया जाता था। भगवा रंग से मानो जन्मजात दुश्मनी थी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार बनने के बाद तय किया गया कि कांवड़ यात्रा पूरी भव्यता और अनुशासन के साथ निकलेगी तथा श्रद्धालु बिना किसी डर के शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे आयोजनों पर भी पूर्व सरकार ने रोक लगा दी थी, जबकि अब थानों, पुलिस लाइनों, जेलों और पूरे प्रदेश में भव्य आयोजन हो रहे हैं।
योगी ने आरोप लगाया कि पहले मंदिरों के सुंदरीकरण का पैसा कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल पर खर्च होता था जबकि अब वही धन धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार विकास योजनाओं का पैसा जनता के बजाय अपने परिवार के विकास पर खर्च करती थी। इससे गरीब, छात्र, नौजवान और महिलाएं उपेक्षित रहती थीं।
मुख्यमंत्री ने मैनपुरी की बदलती पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि कभी इस जिले के युवाओं को दूसरे शहरों में होटल और किराए के मकान तक नहीं मिलते थे लेकिन आज मयन ऋषि और च्यवन ऋषि की इस भूमि को नई पहचान मिली है। अब यहां के किसान, व्यापारी और नौजवान देश के किसी भी हिस्से में सम्मान के साथ जाते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है और देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना चुका है। विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं है। किसानों के लिए योजनाएं, युवाओं के लिए रोजगार और उद्योगों के लिए निवेश का माहौल तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि 86 लाख किसानों की फसल ऋण माफी बिना किसी जातीय भेदभाव के की गई, जबकि ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना के तहत मैनपुरी की तारकशी कला को वैश्विक पहचान दिलाई गई।
कानून-व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले बेटियों की सुरक्षा खतरे में रहती थी और व्यापारी निवेश करने से डरते थे। भाजपा सरकार ने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाकर माफिया राज खत्म किया। उन्होंने सपा शासन में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मदन चौहान की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि आज अपराधियों को या तो जेल भेजा गया है या फिर मिट्टी में मिला दिया गया है।
बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए योगी ने कहा कि जो व्यक्ति 12 बजे सोकर उठे, दो बजे तैयार हो, पांच बजे जिम जाए और सात बजे महफिल में पहुंच जाए, उससे विकास की क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार का विजन केवल परिवार का खजाना भरना था।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। सवा तीन करोड़ लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए और बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए हैं। उन्होंने लोगों से जाति और क्षेत्र के नाम पर समाज को बांटने वालों से सावधान रहने की अपील की।

योगी ने कहा कि उनकी सरकार सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन, लोकमाता अहिल्याबाई होलकर श्रमजीवी हॉस्टल और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर मेडिकल कॉलेज जैसे कार्य कर रही है, जबकि सपा महापुरुषों के नाम मिटाने का काम करती रही।
उन्होंने मैनपुरी के किसानों को कम से कम 10 घंटे बिजली देने का भरोसा दिलाया और कहा कि जिले की सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत पौधरोपण से हुई। मुख्यमंत्री ने गोदभराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम में भाग लिया। बच्चों को उपहार दिए, स्वयं सहायता समूहों की प्रदर्शनी देखी तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के स्टॉलों का अवलोकन कर लाभार्थियों से संवाद भी किया।






