लखनऊ, 8 मार्च 2026
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। इस मौके पर उन्होंने बदलते यूपी में बेटियों की संवरती तकदीर व तस्वीर पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को अब किसी से कोई खतरा नहीं, नंगे पैर स्कूल जाने के दिन लद चुके हैं।
UPSC रिजल्ट ने बताया बेटियों का सामर्थ्य
कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि UPSC के परिणाम में उत्तर प्रदेश की कई बेटियों ने सम्मानजनक स्थान प्राप्त किया है। टॉप 10 में 3 महिलाएं शामिल हैं। इस परीक्षा में बड़ी संख्या में बेटियों का चयन उनके सामर्थ्य को प्रदर्शित करता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हमने परिवर्तन की उस सोच को आगे बढ़ाया है, जिसमें प्रधानमंत्री के 5T विजन यानी Tradition, Technology, Transparency और Trust के समन्वय से Transformation का मार्ग प्रशस्त होता है।
अभी और बढेंगी महिला बटालियन
पिछली सरकारें पीएसी को समाप्त कर रही थीं, क्योंकि उत्तर प्रदेश पीएसी बल दंगाइयों का काल है और दंगाइयों को प्रोत्साहित करने वाली सरकार पीएसी बल को ही समाप्त कर रही थी। हम लोगों ने कहा कि ये बल समाप्त नहीं होगा, इसका हम पुनर्गठन करेंगे। सभी 34 कंपनियों का हमने पुनर्गठन किया है। उत्तर प्रदेश में हमने तीन नई महिला बटालियन का गठन किया है, जिनका नाम नारी शक्ति की प्रतीक वीरांगना उदा देवी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर रखा गया है। इसके साथ ही तीन और नई महिला बटालियन के गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

11 साल में महिलाएं स्वावलंबन की ओर बढ़ीं
सुरक्षा पहली शर्त है, हर व्यक्ति को सुरक्षा मिलनी चाहिए। सुरक्षा हर व्यक्ति में आत्मविश्वास भरता है।आत्मविश्वास उसे आत्मगौरव की अनुभूति कराता है और आत्मगौरव का भाव ही व्यक्ति को आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर करता है। ये आत्मनिर्भरता विकसित भारत की संकल्पना का आधार बनने वाला है। पिछले 11 वर्ष में महिलाओं को अलग-अलग क्षेत्र में स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर करने में एक बड़ी भूमिका का निर्वहन हुआ है।
नए बजट में महिलाओं के लिए खास योजनाएं
इस बार के बजट में हम कई नई योजनाएं लेकर आए हैं। बजट की थीम में युवा, महिला, अन्नदाता और गरीब शामिल हैं। इन सभी वर्गों के लिए हमने कुछ नई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें महिलाओं के लिए कुछ योजनाएं विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। हर नारी को सुरक्षा प्राप्त करने का अधिकार होना चाहिए। नारी सुरक्षित है, तो समाज सुरक्षित है। नारी का सम्मान है, तो समाज का सम्मान है। नारी स्वावलंबन की ओर अग्रसर हो रही है, तो समाज भी स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर हो रहा है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से अब तक 4 लाख से अधिक बेटियों के विवाह संपन्न कराने में सरकार और प्रशासन ने अपना योगदान दिया है।
बेटी के आगे बढ़ने का सपना हकीकत बना
हम लोग बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं करते। हमारे यहां पुरानी मान्यता रही है कि गांव की बेटी सबकी बेटी, उसे सम्मान मिलना चाहिए, उसे जीने का अधिकार मिलना चाहिए और उसे आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। आज ये बातें हकीकत बनती दिखाई दे रही हैं। जहां महिलाओं को अवसर मिला है, उन सभी क्षेत्रों में उन्होंने बेहतर कार्य किया है।
प्रदेश की हर बेटी खुद को मानती है सुरक्षित
2017 से पहले सुरक्षा की स्थिति अच्छी नहीं थी-न बेटी सुरक्षित थी, न व्यापारी सुरक्षित थे। आज उत्तर प्रदेश की हर बेटी खुद को सुरक्षित महसूस करती है। 2017 में जब मैं मुख्यमंत्री बना था, तब बेसिक शिक्षा परिषद की लगभग 60 फीसदी बेटियां ऐसी थीं, जो नंगे पैर स्कूल जाती थीं। लेकिन अब लगभग 98 से 99 फीसदी बेटियां या तो जूते-मोजे पहनकर स्कूल आती हैं, या कम से कम चप्पल में जरूर आती हैं नंगे पैर नहीं जातीं। उत्तर प्रदेश में महिलाएं स्वावलंबन के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं। साल 2017 से पहले महिला कार्यबल की भागीदारी केवल 13 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
शोहदों का डर, पढ़ने की लिए धन की कमी नहीं
अब बेटियां नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं। बेटी किसी पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए सरकार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत उसे 25,000 की आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। आज बेटियां निर्भय होकर स्कूल जा रही हैं। न कोई डर, न किसी प्रकार का संकोच। बेटियों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। जो शोहदे पहले सुरक्षा के लिए खतरा बनते थे, उनसे सख्ती से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस बल में बेटियों को 20 प्रतिशत आरक्षण देकर उनकी भर्ती की गई है।
‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ से देश मे आया बदलाव
सीएम ने अपील करते हुए कहा वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री बने, तब उन्होंने देश में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। इसके बाद मातृ वंदना योजना सहित अनेक ऐसे कार्यक्रम शुरू किए गए, जिनके बल पर आज देशभर की बेटियां स्वावलंबन के मार्ग पर आगे बढ़ रहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मैं आप सबका आह्वान करता हूं कि हर प्रदेशवासी बेटी की सुरक्षा, नारी की गरिमा और उनके स्वावलंबन के लिए सरकार की योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने में अपना योगदान दे। यह विकसित भारत के निर्माण की एक महत्वपूर्ण आधारशिला बनेगा।






