लखनऊ, 16 फरवरी 2026:
यूपी विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा रखते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विरासत से युक्त विकास ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। कुछ लोग भारत की आत्मा और आस्था पर प्रहार करने वाले आक्रांताओं का राजनीतिक स्वार्थ में महिमामंडन करते हैं। नया भारत और नया उत्तर प्रदेश इसे स्वीकार नहीं करेगा।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रगीत के सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि देश वंदे मातरम का 150वां वर्ष मना रहा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रगीत को लेकर जागरूकता बढ़ी है। तिरंगा, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राष्ट्रनायकों का सम्मान हर भारतीय का दायित्व है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि संविधान का नाम लेकर जनता को भ्रमित किया जा रहा है जबकि राष्ट्रगीत का विरोध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे संविधान निर्माताओं और भीमराव आंबेडकर के प्रति अनादर बताया।
ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की परंपरा को रौंदने आए आक्रांताओं का महिमामंडन स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि गाजी भारत की परंपरा और संस्कृति को रौंदने आया था। सपा के लोग इस गाजी के मेले का समर्थन करते हैं। उन्होंने श्रावस्ती के नरेश रहे महाराज सुहेलदेव के पराक्रम का स्मरण करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार ने उनके सम्मान में बहराइच के चित्तौड़ा में भव्य स्मारक और विश्वविद्यालय की स्थापना की है। इसी तरह लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को रेखांकित करते हुए काशी विश्वनाथ धाम में उनकी प्रतिमा स्थापना का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान कांवड़ यात्रा, जन्माष्टमी और अयोध्या की परिक्रमा जैसे आयोजनों पर रोक लगाई गई थी। आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन चुका है और प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन को आ रहे हैं। उनके अनुसार धर्मस्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं बल्कि राष्ट्रचेतना के भी केंद्र हैं।
कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 के बाद से प्रदेश में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। 8-9 वर्षों में 2.19 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई, जिनमें 20 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया गया। यूपी पुलिस में महिला कार्मिकों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है। प्रशिक्षण क्षमता में भी व्यापक विस्तार हुआ है। आधुनिक अवस्थापना सुविधाओं के साथ हाईराइज बैरक तैयार किए गए हैं।
स्मार्ट पुलिसिंग की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने सात पुलिस कमिश्नरेट, साइबर थाना व साइबर सेल की भूमिका को रेखांकित किया। कहा कि फॉरेंसिक साइंस ईकोसिस्टम को मजबूत करते हुए प्रदेश में ए-ग्रेड की 12 लैब शुरू हो चुकी हैं और छह निर्माणाधीन हैं। 75 जनपदों में फॉरेंसिक वैन संचालित हैं। सेफ सिटी परियोजना, यूपी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स की छह वाहिनियां और पीएसी की पुनर्बहाली के साथ तीन महिला बटालियनों का गठन सरकार की सुरक्षा नीति की प्रमुख उपलब्धियां बताई गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज, अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, विंध्याचल, चित्रकूट, नैमिषारण्य जैसे तीर्थस्थलों का समग्र विकास कर प्रदेश की पहचान दीपोत्सव, देव दीपावली और रंगोत्सव जैसे वैश्विक आध्यात्मिक उत्सवों से जोड़ी गई है। यह विरासत पर गौरव और विकास के संतुलन का प्रतीक है।






