लखनऊ, 25 मई 2026:
लेखपाल मुख्य परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग की शिकायत पर लखनऊ के विभूतिखंड थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि भर्ती प्रक्रिया की छवि खराब करने और अभ्यर्थियों को गुमराह करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
आयोग के अनुसार लेखपाल पद के लिए मुख्य परीक्षा प्रदेश के 44 जिलों में बनाए गए 861 केंद्रों पर पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और शुचितापूर्ण तरीके से आयोजित कराई गई थी। इसके बावजूद कुछ अराजक तत्वों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर झूठी और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित कर अभ्यर्थियों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की। आयोग का कहना है कि यह अफवाह फैलाने के साथ सरकार की छवि धूमिल करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की साजिश है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पुलिस उपायुक्त पूर्वी, अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी और सहायक पुलिस आयुक्त विभूतिखंड की निगरानी में कराई जा रही है। पुलिस अब उन सोशल मीडिया अकाउंट्स और व्यक्तियों की पहचान में जुट गई है जिन्होंने परीक्षा को लेकर फर्जी दावे और भ्रामक पोस्ट साझा किए।
इससे पहले आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की थी कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या वायरल पोस्ट पर भरोसा न करें और केवल आयोग की आधिकारिक सूचनाओं को ही सही मानें। परीक्षा नियंत्रक ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा था कि भर्ती प्रक्रिया को बदनाम करने, अभ्यर्थियों को भड़काने या सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आयोग और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से कठोर कानूनी कार्रवाई करेगा। आयोग ने दोहराया है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।






