गोरखपुर, 23 जून 2026:
साइबर ठगी से जुटाई गई करोड़ों रुपये की रकम को खपाने के लिए जालसाजों ने गोरखपुर के ज्वेलरी शोरूमों का सहारा लिया। मुंबई में दर्ज एक Cyber Fraud केस की जांच में सामने आया है कि गिरोह ने करीब 11 करोड़ रुपये से सोना और दूसरे आभूषण खरीदे। मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच की साइबर सेल की टीम गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर में छानबीन कर रही है।
जांच में पता चला है कि ठग सीधे अपने खातों का इस्तेमाल नहीं करते थे। पहले साइबर ठगी से मिली रकम म्यूल खातों में पहुंचाई जाती थी। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों से शहर के ज्वेलरी शोरूमों में ऑनलाइन भुगतान किया जाता था। भुगतान की पुष्टि होने के बाद गिरोह से जुड़े लोग दुकान पर पहुंचकर सोने के गहने और अन्य आभूषण लेकर निकल जाते थे।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह खेल पिछले करीब तीन महीनों से चल रहा था। सिविल लाइंस और असुरन इलाके के कई प्रतिष्ठानों से सबसे ज्यादा खरीदारी होने की जानकारी मिली है। कई मामलों में आरोपी पहले एडवांस भुगतान कर देते थे और अगले दिन अपने लोगों को भेजकर गहनों की डिलीवरी ले लेते थे। खाते में रकम आने की वजह से कारोबारियों को किसी तरह का शक नहीं होता था।
मुंबई साइबर सेल की टीम शहर के चार प्रमुख ज्वेलरी शोरूमों तक पहुंच चुकी है। जांच अधिकारी खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। साथ ही सीसीटीवी फुटेज की मदद से उन युवकों की पहचान की जा रही है, जो गहने लेने पहुंचे थे। एजेंसियों को शक है कि पूरे नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर कुछ युवकों का इस्तेमाल कमीशन के आधार पर किया गया।
जांच के दौरान देवरिया और बिहार के गोपालगंज से जुड़े दो संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं। उनके बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और लेनदेन का ब्योरा जुटाया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ठगी की रकम किन खातों से होकर ज्वेलरी कारोबारियों तक पहुंची और सोना खरीदने के बाद उसे कहां खपाया गया। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि मुंबई से आई साइबर सेल की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। स्थानीय पुलिस भी जांच में सहयोग कर रही है।






