Dehradun News : ग्राम प्रधानों के सचिवालय कूच में टूटी बैरिकेडिंग, सड़क पर धरना देकर मांगा 20 हजार मानदेय
परेड ग्राउंड में सभाकर सचिवालय की ओर बढ़े, मानदेय के साथ मनरेगा मजदूरी और ऑनलाइन हाजिरी का मुद्दा भी उठा, जिला योजना की बैठकों में प्रधानों को नामित करने की मांग, पंचायतों को 10 लाख तक के काम देने का अधिकार भी मांगा

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 8 अक्टूबर 2026:
उत्तराखंड में 10 सूत्री मांगों को लेकर गुरुवार को ग्राम प्रधानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदेशभर से देहरादून पहुंचे ग्राम प्रधानों ने परेड ग्राउंड में सभा की। इसके बाद नारेबाजी करते हुए सचिवालय की ओर कूच किया। इस दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने पर देर तक हंगामा खड़ा रहा।
पुलिस से नोंकझोंक के बाद बैरिकेडिंग तोड़ी
सचिवालय से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान ग्राम प्रधानों और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक हुई और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने पहली बैरिकेडिंग तोड़ दी और उसे पार करते हुए पुलिस मुख्यालय के पास लगी दूसरी बैरिकेडिंग तक पहुंच गए।
सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी
दूसरी बैरिकेडिंग के पास भी ग्राम प्रधानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रदेश प्रधान संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश माहरा ने सरकार पर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ दोहरा व्यवहार करने का आरोप लगाया।

मनरेगा मजदूरी और ऑनलाइन हाजिरी पर सवाल
प्रकाश माहरा ने कहा कि मनरेगा में श्रमिकों को महंगाई के अनुपात में पर्याप्त मजदूरी नहीं मिल रही है। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में नेटवर्क की दिक्कत के कारण श्रमिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ग्राम प्रधानों के लिए 20 हजार रुपये मासिक वेतनमान की मांग रखी।
जिला योजना में प्रतिनिधित्व की मांग
ग्राम प्रधानों ने जिला योजना की बैठकों में प्रधानों को नामित करने की मांग की। इसके साथ ही प्रधान निधि बनाने, 10 लाख रुपये तक के कामों के लिए पंचायतों को कार्यदायी संस्था बनाने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने पंचायत राज विभाग के 29 विषय पंचायतों को हस्तांतरित करने की मांग की। उनका कहना है कि पंचायतों को ज्यादा अधिकार के साथ जरूरी संसाधन भी दिए जाने चाहिए।
सचिव को भेजा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के बाद ग्राम प्रधानों की ओर से सचिव को ज्ञापन भेजा गया। इसमें 10 सूत्री मांगों पर जल्द फैसला लेने की मांग की गई। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।






