विजय पटेल
रायबरेली, 29 जनवरी 2026:
सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी और कूटरचित दस्तावेजों के गंभीर आरोपों के संबंध में पांजा फाउंडेशन ने बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की है। इसमें सांसद राहुल गांधी, पूर्व सांसद सोनिया गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, सांसद केएल शर्मा समेत 45 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष बृजेंद्र शरण श्रीवास्तव और वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष लाखन सिंह ने इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।
आरोप पत्र में सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी कर एक स्कूल को सीबीएसई बोर्ड से मान्यता दिलाने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं ने तत्कालीन तहसीलदार अनिल पाठक के एक पत्र का हवाला देते हुए बताया कि जिस जमीन पर स्कूल बना है, उससे संबंधित लैंड सर्टिफिकेट तहसील से जारी ही नहीं हुआ था। सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कर कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि फर्जी कागजातों के आधार पर एक स्कूल को सीबीएसई बोर्ड से मान्यता दिलाई गई।

बृजेंद्र शरण श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रकरण की शिकायत प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक की जा चुकी है। हालांकि, जांच अधिकारियों ने प्रकरण में पुलिस विभाग का विषय बताकर शिकायतों को बंद कर दिया था। अर्जी में सिर्फ राजनीतिक चेहरे ही नहीं, बल्कि तत्कालीन सीबीएसई बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह, सचिव हिमांशु गुप्ता, रायबरेली के कई बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और सदर तहसील में तैनात रहे तहसीलदारों के नाम भी शामिल हैं।
फाउंडेशन ने इस अर्जी में जिलाधिकारी हर्षिता माथुर, एडीएम एफआर अमृता सिंह भी पक्षकार बनाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट डा. विवेक कुमार ने कोतवाली पुलिस से इस संबंध में आख्या (रिपोर्ट) तलब की है।






