विजय पटेल
रायबरेली, 1 अगस्त 2026:
हरचंदपुर थाना क्षेत्र के ओई गांव में मिली रहस्यमयी सुरंग और करीब 2000 साल पुराने बताए जा रहे कुषाणकालीन अवशेषों की जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है। शनिवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकारी डॉ. राजेंद्र यादव की अगुआई में सात सदस्यीय टीम दोबारा गांव पहुंची। टीम ने सुरंगनुमा गड्ढे के अंदर उतरकर बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही आसपास मौजूद प्राचीन टीले की भी जांच की।
पुराने अवशेषों का फिर किया गया परीक्षण
ASI की टीम गांव निवासी अशोक प्रताप मौर्य के घर भी पहुंची। यहां वर्ष 1985 से सुरक्षित रखे गए प्राचीन अवशेषों का दोबारा परीक्षण किया गया। जांच के दौरान टीले से मिले कुछ अहम ऐतिहासिक अवशेष भी टीम ने अपने कब्जे में ले लिए। शुरुआती पड़ताल में इन्हें कुषाणकाल से जुड़ा माना जा रहा है।

GPR Survey से होगी अगली पड़ताल
राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (RGIPT), जायस के भूभौतिकी विभाग के प्रो. सतीश कुमार सिन्हा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि अब Ground Penetrating Radar (GPR) Survey कराया जाएगा। इस तकनीक से बिना खुदाई किए जमीन के भीतर मौजूद दीवारों, सुरंगों और दूसरी मानव निर्मित संरचनाओं की जानकारी मिल सकेगी।
आसपास रहे सुरक्षा के इंतजाम
जांच के दौरान एसडीएम महाराजगंज चंद्र प्रकाश गौतम, क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार, राजस्व विभाग की टीम और पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। पूरे इलाके में सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। अब ASI की विस्तृत रिपोर्ट और GPR Survey के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।






