अनिल निषाद
अयोध्या, 1 अगस्त 2026:
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने संसद भवन के बाहर भगवा वेश में हुए विपक्ष के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या में रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति संतों के त्याग, तपस्या और मार्गदर्शन पर आधारित है। ऐसे में संतों का वेश धारण कर राजनीतिक प्रदर्शन करना उचित नहीं है।
उन्होंने अयोध्या पहुंचने के बाद जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उनका प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया गया। विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के कदम उनकी सोच को दिखाते हैं और जनता सब देख रही है। उनकी असलियत जान चुकी है कि ये लोग जब भी अवसर पाते हैं सनातन का अपमान करने से नहीं चूकते।

राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर सतीश महाना ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी कर रही है और मुख्यमंत्री खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी।
संत समाज ने भी जताया विरोध
इसी मुद्दे पर अयोध्या में तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने भी सांसद पप्पू यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने पोस्टर फूंककर विरोध जताया और कहा कि भगवा वस्त्र पहनकर राजनीतिक प्रदर्शन करना संत समाज और सनातन परंपरा का अपमान है। महंत ने राहुल गांधी, अवधेश प्रसाद समेत प्रदर्शन में शामिल अन्य विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधते हुए इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की।






