Uttarakhand

अग्निवीर कैडेट्स से मिले धामी, कहा… अनुशासन से मिली प्रेरणा, उसी जज़्बे से कर रहा हूं जनसेवा

भराड़ीसैंण में संवाद कार्यक्रम, कैडेट्स के सवालों का मुख्यमंत्री ने दिया खुलकर जवाब, पूर्व सैनिक भी रहे मौजूद

देहरादून, 10 मार्च 2026:

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण में अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे कैडेट्स से संवाद किया। इस दौरान युवाओं ने उनसे कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सहज अंदाज़ में जवाब दिया और अपने अनुभव भी साझा किए।

कार्यक्रम में अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सैनिक सीमांत और हिमालयी इलाकों में कठिन हालात में भी देश की रक्षा करते हैं। उत्तराखंड की खासियत है कि यहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना या अर्द्धसैनिक बलों में सेवा देता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में सेना तेजी से आधुनिक बन रही है और रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में कई फैसले ले रही है। देहरादून में सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जहां राज्य के वीर शहीदों की गौरवगाथा और यादें संजोई जाएंगी।

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कैडेट शंकर सिंह राणा ने पूछा कि सैनिक परिवार से होने के कारण क्या कभी सेना में जाने का मन नहीं हुआ। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में जाना सबसे सम्मानजनक सेवाओं में माना जाता है। उन्होंने बताया कि बचपन से पिता के साथ रहते हुए सैनिकों का अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण करीब से देखा है। उसी से प्रेरणा लेकर वह भी अपने काम को एक सैनिक की तरह जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ करने की कोशिश करते हैं और प्रदेश की जनता की सेवा करते हैं।

कैडेट हिमांशु रौतेला ने पूछा कि इतनी व्यस्तता के बीच परिवार को समय कैसे दे पाते हैं। इस परल मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाती हैं। उनके लिए प्रदेश के सभी लोग ही परिवार की तरह हैं और हर गांव अपना गांव है। ओपी कण्डारी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीरों की सेवा पूरी होने के बाद उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया है। इसके अलावा केंद्र सरकार भी कई क्षेत्रों में अग्निवीरों के लिए अवसर दे रही है।

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रितेश पंवार ने पूछा कि उनकी पहचान धाकड़ धामी के रूप में क्यों बनी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि का व्यवहार जनता के साथ हमेशा नरम होना चाहिए, लेकिन राज्य और जनहित के लिए कई बार सख्त फैसले भी लेने पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। इसके साथ ही सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून भी लागू किए गए हैं। कार्यक्रम में यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल, पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में अग्निवीर कैडेट्स मौजूद रहे।

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