देहरादून, 13 अप्रैल 2026:
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में डीडीहाट, गंगोलीहाट, कपकोट और बागेश्वर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन घोषणाओं पर अब तक शासनादेश जारी नहीं हुए हैं उन्हें 20 दिनों के भीतर जारी किया जाए जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य सरकार के मूल मंत्र सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के आधार पर कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित क्षेत्रों के विधायकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
बैठक में वन भूमि स्थानांतरण के मामलों पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मामलों की जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए। प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए, ताकि विकास कार्य बाधित न हों। विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने पर भी उन्होंने बल दिया।
ग्रामीण सड़कों के रखरखाव को लेकर मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित सड़कों के मेंटिनेंस के लिए संबंधित विभागों की एक समन्वय समिति गठित की जाए जो नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे। बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी सड़कों के पैचवर्क कार्य वर्षा से पहले पूरा करने के निर्देश भी दिए।
खेल अवसंरचना के विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्थानों पर खेल मैदानों के लिए भूमि उपलब्ध है वहां 15 दिनों के भीतर धनराशि जारी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाए ताकि युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा कनालीछीना से पिपली बगड़ीगांव तक मोटर मार्ग के चौड़ीकरण में तेजी लाने, कपकोट के राजकीय विद्यालय में पूर्व माध्यमिक कक्षाएं संचालित करने और बागेश्वर जिला अस्पताल में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश के समग्र विकास में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।






