लखनऊ, 7 अप्रैल 2026:
यूपी में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ और अधिक सुगमता, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ पर जोर दिया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस रजिस्ट्री को प्रदेश की सभी कृषि एवं संबंधित विभागीय योजनाओं से जोड़ा जाए। इससे पंजीकृत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ मिल सके।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों को गेहूं, दलहनी एवं तिलहनी फसलों की खरीद के साथ-साथ बीज, उर्वरक, कृषि रक्षा रसायन और कृषि यंत्रों जैसी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी। इससे योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचेगा और बिचौलियों की भूमिका कम होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जिलों में फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को अभियान के रूप में तेजी से पूरा किया जाए। इसके तहत हर ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे जहां किसानों की रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी जोर दिया कि इस अभियान में राजस्व विभाग, कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश का छोटी या बड़ी जोत का किसान फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ना चाहिए। इससे वह विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकेगा।
उन्होंने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए जिससे कोई भी पात्र किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए। बैठक में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, मुख्य सचिव एसपी गोयल, भारत सरकार के मुख्य ज्ञान अधिकारी राजीव चावला, प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र, प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू, कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।






