लखनऊ, 29 मई 2026:
यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की गलत नीतियों ने किसानों को आर्थिक संकट और निराशा की स्थिति में पहुंचा दिया था। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद योगी सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और कई ऐतिहासिक फैसले लिए।
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही 86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ करने का फैसला लिया गया था। उनके मुताबिक यह केवल आर्थिक राहत नहीं बल्कि किसानों का आत्मविश्वास और सम्मान लौटाने की दिशा में बड़ा कदम था। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक राहत मिली।
कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान, समर्थन मूल्य पर खरीद और उर्वरकों की उपलब्धता जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी जूझना पड़ता था। प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों को पर्याप्त सहायता नहीं मिली। इससे बड़ी संख्या में किसान आर्थिक रूप से टूट गए थे।
शाही ने कहा कि जब योगी सरकार सत्ता में आई, उस समय गन्ना किसानों का लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का भुगतान लंबित था। सरकार ने इसे प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का काम किया। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड 3 लाख 27 हजार करोड़ रुपये का भुगतान कराया। इसमें पूर्ववर्ती सरकार का बकाया भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि पहले किसानों को भुगतान के लिए वर्षों तक अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे और दलालों-बिचौलियों के कारण भ्रष्टाचार बढ़ता था। वर्तमान सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था लागू कर समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कराया। मंत्री के अनुसार किसानों के हित में संचालित योजनाओं और त्वरित फैसलों का असर यह है कि प्रदेश का किसान अब आर्थिक रूप से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन रहा है।






