विजय पटेल
रायबरेली, 5 जनवरी 2026:
सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्य कर रहे एक पूर्व सैनिक ने एक निजी सुरक्षा एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला अब प्रशासनिक जांच की मांग तक पहुंच गया है। पूर्व हवलदार संजय सिंह चौहान ने आरोप लगाया है कि संबंधित सुरक्षा एजेंसी उन्हें डीजीआर (डायरेक्टरेट जनरल रिसेटलमेंट) के निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा वेतन नहीं दे रही है।
अपने अन्य साथियों के साथ एसपी से मिलने पहुंचे पूर्व सैनिक का आरोप है कि एजेंसी द्वारा ईपीएफ, साप्ताहिक अवकाश और अन्य वैधानिक सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने बकाया वेतन और सुविधाओं की मांग की तो एजेंसी के एक प्रतिनिधि ने उनके खिलाफ कथित तौर पर झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।
संजय सिंह चौहान के अनुसार, दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उन पर जान से मारने की धमकी देने और गुंडा टैक्स मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें उन्होंने पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि ये आरोप केवल दबाव बनाने के उद्देश्य से लगाए गए हैं।
पूर्व हवलदार ने मामले की निष्पक्ष जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्तर से कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के साथ इस तरह का व्यवहार न सिर्फ अन्यायपूर्ण है, बल्कि नियमों और कानूनों के भी खिलाफ है। इस मामले को लेकर पूर्व सैनिक संगठनों में भी नाराजगी है। एजेंसी प्रतिनिधि पर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।






