बाराबंकी, 16 जून 2026:
शहर की सरकारी राशन दुकानों पर कार्डधारकों में बांटने के लिए भेजे गए गेहूं की क्वालिटी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कोटेदारों ने आरोप लगाया है कि कई दुकानों पर खराब और बदबूदार गेहूं पहुंचा है, जिसे लोगों में वितरित नहीं किया जा सकता। इस मामले को लेकर कोटेदारों के संगठन ने एतराज जताया तो वितरण रोककर विभाग ने जांच कमेटी गठित कर दी है।
बताया गया कि शहर की करीब आधा दर्जन राशन दुकानों पर 32 क्विंटल से ज्यादा गेहूं भेजा गया था। जब दुकानदारों ने बोरियां खोलीं तो उनमें काला और खराब गेहूं मिला। गेहूं से बदबू भी आ रही थी, जिसके बाद वितरण रोक दिया गया। कोटेदारों का आरोप है कि गेहूं की हालत ऐसी है कि उसे लोगों में बांटना तो दूर, पशुओं के चारे के तौर पर भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विजय पाल गौतम, रविंद्र बौद्ध और विनोद भारती समेत कई कोटेदारों ने मामले की शिकायत जिला खाद्य विपणन अधिकारी से की है। शिकायत मिलने के बाद खाद्य विभाग हरकत में आया।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि संबंधित गेहूं हैदरगढ़ गोदाम से भेजा गया था। खराब गुणवत्ता की शिकायत मिलने पर खेप को वापस मंगाया जा रहा है। पूरे मामले की जांच के लिए वरिष्ठ विपणन अधिकारी की अगुवाई में दो सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम जांच रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






