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आस्था से अर्थव्यवस्था तक… योगी मॉडल ने बदली यूपी की तस्वीर, 9 साल में पर्यटन बना 7 गुना ताकत

टूरिज्म पॉलिसी-2022, टेंपल एंड फेस्टिवल इकॉनमी और महाकुंभ-2025 की चमक, उत्तर प्रदेश बना देश का नंबर-1 पर्यटन हब, 156 करोड़ पर्यटकों का रिकॉर्ड

लखनऊ, 26 मार्च 2026:

यूपी आज पर्यटन के आंकड़ों के साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण की एक नई मिसाल के रूप में उभर रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने ‘आस्था से अर्थव्यवस्था’ का ऐसा मॉडल विकसित किया जिसने पर्यटन को विकास की मुख्य धुरी बना दिया है।

साल 2017 में जहां प्रदेश में 23.75 करोड़ पर्यटक आए थे, वहीं 2025 में महाकुंभ के ऐतिहासिक आयोजन के बाद यह संख्या 156.18 करोड़ तक पहुंच गई। महज 9 वर्षों में करीब 7 गुना उछाल आया है। यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा घरेलू पर्यटकों वाला राज्य बन चुका है। राष्ट्रीय पर्यटन में इसकी हिस्सेदारी 21.9% तक पहुंच गई है।

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इस बदलाव के पीछे योगी सरकार की पर्यटन नीति-2022 और टेंपल एंड फेस्टिवल इकॉनमी का मजबूत विजन है। इस नीति के तहत होटल, होमस्टे, वेलनेस, एडवेंचर और इको-टूरिज्म जैसी 22 गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया। इससे ₹36,681 करोड़ का निवेश आकर्षित हुआ और 5 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए।

प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए अयोध्या, ब्रज, विंध्याचल, चित्रकूट, नैमिषारण्य जैसे तीर्थ क्षेत्रों का कायाकल्प किया गया। साथ ही रामायण, कृष्ण, बौद्ध, सूफी और स्वतंत्रता संग्राम जैसे 12 से अधिक टूरिस्ट सर्किट विकसित किए गए, जिससे पर्यटन को नई दिशा मिली।

इको-टूरिज्म के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। दुधवा, कतर्नियाघाट, पीलीभीत टाइगर रिजर्व जैसे क्षेत्रों में नाइट स्टे, बर्ड वॉचिंग और नेचर ट्रेल जैसी सुविधाएं विकसित कर 49 परियोजनाएं शुरू की गईं जबकि 234 गांवों को ग्रामीण पर्यटन के लिए चुना गया है।

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‘टेंपल एंड फेस्टिवल इकॉनमी’ मॉडल की सबसे बड़ी सफलता अयोध्या में देखने को मिली, जहां पर्यटकों की संख्या 2017 के 2.84 लाख से बढ़कर 2025 में लगभग 30 करोड़ तक पहुंच गई। वहीं काशी विश्वनाथ धाम, प्रयागराज का महाकुंभ और मथुरा-बरसाना की होली जैसे आयोजन अब वैश्विक आकर्षण बन चुके हैं।

महाकुंभ-2025 में 66.30 करोड़ श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक उपस्थिति ने विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया, जिसने उत्तर प्रदेश को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन के नक्शे पर और मजबूत किया। आज यूपी का पर्यटन केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खानपान और सेवा क्षेत्र को गति देने वाला एक बड़ा आर्थिक इंजन बन चुका है। आस्था, संस्कृति और विकास का यह संगम उत्तर प्रदेश को देश का टूरिज्म लीडर बनाने के साथ उसे तेजी से एक ग्लोबल स्पिरिचुअल टूरिज्म हब के रूप में स्थापित कर रहा है।

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