
लखनऊ, 13 अगस्त 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ का गोमती रिवर फ्रंट अब सिर्फ नदी किनारे सैर का ठिकाना ही नहीं रहेगा। यहां लोगों को जंगल के बीच घूमने जैसा रोमांच भी मिलेगा। लक्ष्मण मेला मैदान के पास करीब 700 मीटर लंबी नेचर ट्रेल विकसित की जा रही है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने करीब पांच करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का काम शुरू करा दिया है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने स्थल का निरीक्षण कर नेचर ट्रेल में मियावाकी फॉरेस्टेशन कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य ट्रेल को इस तरह विकसित करना है कि यहां आने वाले लोगों को घने वन के बीच से गुजरने और ‘जंगल वॉक’ का अनुभव मिल सके। बड़े पेड़ों के आसपास बांस के झुरमुट विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही लैंडस्केपिंग, पाथवे और जिग-जैग स्लोप बनाए जाएंगे।
नेचर ट्रेल में होंगे सेल्फी और स्टैंडिंग प्वाइंट
नेचर ट्रेल में कई स्थानों पर सेल्फी और स्टैंडिंग प्वाइंट भी विकसित किए जाएंगे। यहां खड़े होकर लोग गोमती नदी और आसपास के प्राकृतिक नजारों का आनंद ले सकेंगे। यानी आने वाले समय में रिवर फ्रंट पर सुबह की सैर से लेकर परिवार के साथ घूमने तक का अनुभव पहले से कहीं ज्यादा रोमांचक होने वाला है।
गोमती नदी में दौड़ेंगे दो आलीशान क्रूज
गोमती नदी को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है। एडीसीपी ऑफिस से गोमती बैराज के बीच करीब 60 मीटर लंबे और 14 मीटर चौड़े क्रूज का काम लगभग 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसमें एक साथ करीब 250 पर्यटक सफर कर सकेंगे। इसे आगामी दिसंबर माह तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, गोमती बैराज से हनुमान सेतु के बीच दूसरा क्रूज चलेगा। करीब 45 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा यह क्रूज एक बार में 200 यात्रियों को सफर करा सकेगा। इसे अक्टूबर माह तक तैयार कर संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
बच्चों के लिए लगेंगे आधुनिक झूले
रिवर फ्रंट पर एडीसीपी दफ्तर के पास करीब दो करोड़ रुपये की लागत से लैंडस्केप, पाथवे, प्रवेश द्वार, टॉयलेट और रेलिंग आदि का काम भी कराया जा रहा है। इसके अलावा करीब 86 लाख रुपये की लागत से बच्चों के लिए आधुनिक झूले लगाए जा रहे हैं। एलडीए उपाध्यक्ष ने झूले शुरू करने से पहले अनिवार्य रूप से सेफ्टी टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं।






