
देहरादून, 13 अगस्त 2026:
दूरदर्शन केंद्र देहरादून का 26वां स्थापना दिवस पर संस्कृति विभाग सभागार में सांस्कृतिक संध्या के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, लोकसंगीत, लोकनृत्य के साथ दूरदर्शन की सार्वजनिक प्रसारण परंपरा को भी खास तौर पर पेश किया गया। समारोह में भारतीय मानक ब्यूरो के निदेशक व ब्यूरो प्रमुख हेमंत बी आडे मुख्य अतिथि रहे। प्रसार भारती, दूरदर्शन के अधिकारी, कर्मचारी, पद्म सम्मान से सम्मानित अतिथि, कलाकार बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
दूरदर्शन की भूमिका व जिम्मेदारी बताई
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद अतिथियों का सम्मान किया गया। प्रसार भारती के क्लस्टर प्रमुख व उप महानिदेशक सुरेश कुमार मीणा ने उद्घाटन संबोधन में दूरदर्शन की भूमिका, जनसेवा, सांस्कृतिक विरासत को लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पर बात रखी।
लोकगीत, गजल, हिल-जात्रा ने जीता दिल
सांस्कृतिक संध्या में विपुल रूहेला व वाद्य-वृंद ने गजल पेश की। डॉ रेशमा शाह व उनकी टीम ने जौनसारी गीत सुनाए। सनव्वर अली खान, शाहरुख खान ने लाइट म्यूजिक प्रस्तुत किया। सौरव मैठाणी व समूह ने गढ़वाली गीतों से माहौल को रंगीन बनाया। भाव-राग नाट्य अकादमी, पिथौरागढ़ की टीम ने प्रसिद्ध हिल-जात्रा लोकनृत्य पेश किया। लता तिवारी पांडे ने कुमाऊंनी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित, 26 वर्षों की यात्रा को किया याद
सरस्वती वंदना प्रस्तुत करने वाले छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न, प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के आखिर में कार्यक्रम प्रमुख अनिल कुमार भारती ने सभी अतिथियों, कलाकारों, दर्शकों का आभार जताया। आयोजकों ने कहा कि यह आयोजन दूरदर्शन केंद्र देहरादून की 26 वर्षों की जनसेवा, भरोसेमंद प्रसारण, उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को देशभर तक पहुंचाने की लगातार कोशिश का प्रतीक रहा।






