एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 24 मई 2026:
मोहनलालगंज विकासखंड के रामपुर गढ़ी जमुनी गांव में लगा 59 नंबर सरकारी नलकूप पिछले करीब चार महीने से खराब पड़ा है। मोटर जल जाने के बाद से सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। धान की नर्सरी तैयार करने का समय चल रहा है, लेकिन नलकूप बंद होने से किसानों के सामने खेती बचाने का संकट खड़ा हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी रामपुर गढ़ी जमुनी, उदयपुर, डिघारी और ब्रह्मदासपुर गांव के किसानों को उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक इस नलकूप से करीब 150 बीघे से ज्यादा खेती की सिंचाई होती है। इलाके में कोई नहर या माइनर भी नहीं है, ऐसे में किसान पूरी तरह इसी सरकारी नलकूप पर निर्भर हैं। नलकूप बंद होने के बाद किसान निजी बोरवेल से 200 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से पानी खरीदने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि धान की फसल में रोपाई के बाद 8 से 10 बार सिंचाई करनी पड़ती है, जबकि नर्सरी तैयार करने में लगातार 10 दिन पानी देना पड़ता है। ऐसे में डीजल इंजन और किराए के पानी से खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन मिला। किसानों ने अवर अभियंता संजय शुक्ला, शासकीय अभियंता अविनेश कुमार और सचिव विद्यासागर पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि समय रहते मरम्मत कराई जाती तो किसानों को यह दिक्कत नहीं झेलनी पड़ती।
नन्हें लाल, प्रकाश, दिलीप पांडेय, अरुण पांडेय, राधेलाल, राजपाल सिंह, मलखान, गुरुचरन, जंगबहादुर, अवधेश, मिश्रीलाल, प्रहलाद सिंह, सुरजू, रजनीश और नन्हकाऊ समेत दर्जनों किसानों ने चेतावनी दी है कि जल्द नलकूप चालू नहीं कराया गया तो तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि नलकूप का पंप हाउस भी बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुका है। भवन एक तरफ झुक गया है और बल्लियों के सहारे किसी तरह खड़ा है। किसानों का कहना है कि मरम्मत के दौरान भी हादसे का खतरा बना हुआ है।

इस मामले में अवर अभियंता संजय शुक्ला ने बताया कि पंप हाउस टेढ़ा हो चुका है, जिससे पंप निकालने में जोखिम है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को ठेकेदार को मौके पर बुलाकर स्थिति दिखाई जाएगी। पंप हाउस की मरम्मत के बाद आगे का काम सुरक्षित तरीके से कराया जाएगा।






