अनिल निषाद
अयोध्या, 27 जून 2026:
हनुमानगढ़ी की पंचांग पट्टी उज्जैनिया के वरिष्ठ महंत संतराम दास का शनिवार को 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने सुबह करीब 11 बजे हनुमानगढ़ी स्थित अपने आश्रम में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही संत समाज, श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गहरा दुख जताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
बताया गया कि महंत संतराम दास पिछले करीब आठ महीने से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज समेत कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। इस दौरान उन्हें तीन बार मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद तीन दिन पहले ही वह अयोध्या लौटे थे, लेकिन शनिवार सुबह उनका निधन हो गया।
हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी महंत रमेश दास ने बताया कि महंत संतराम दास की अंतिम यात्रा शनिवार शाम चार बजे हनुमानगढ़ी से निकाली जाएगी। इसके बाद नया घाट स्थित सरयू तट के कच्चा घाट पर वैदिक रीति से उनका अंतिम संस्कार होगा।
महंत संतराम दास के शिष्य महंत राजू दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गुरुदेव के निधन की जानकारी साझा करते हुए शोक जताया। उन्होंने बताया कि शाम को शोभायात्रा के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। महंत संतराम दास अयोध्या के संत समाज के प्रमुख संतों में शामिल थे। अपनी आध्यात्मिक साधना, सरल स्वभाव और संत परंपरा के प्रति समर्पण की वजह से उन्हें व्यापक सम्मान मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी अयोध्या आते थे, हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के बाद उनके आश्रम पहुंचकर आशीर्वाद लेते थे। इस दौरान महंत संतराम दास मुख्यमंत्री को गदा और रामनामा भेंट करते थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक संदेश में कहा कि प्रभु श्रीराम दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। साथ ही शोकाकुल शिष्यों, संत समाज और श्रद्धालुओं को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। महंत के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए हनुमानगढ़ी में बड़ी संख्या में संत, महंत, श्रद्धालु और स्थानीय लोग पहुंच रहे हैं।






