सीतापुर, 1 जून 2026:
एक किसान परिवार ने अपने बेटे को बड़े सपनों के साथ दिल्ली भेजा था। अरमान था कि पढ़-लिखकर वह बड़ा अफसर बनेगा और परिवार का नाम रोशन करेगा। लेकिन एक हादसे ने सारी ख्वाहिशों पर पानी फेर दिया। दिल्ली में आईएएस की तैयारी कर रहे सीतापुर के होनहार युवक आलोक वर्मा की मौत ने न सिर्फ एक युवा जिंदगी छीन ली, बल्कि उसके साथ पूरे परिवार की उम्मीदों को भी खाक कर दिया।
सोमवार को जब आलोक का शव उसके पैतृक गांव चांदपुर पहुंचा तो पूरे गांव में मातम छा गया। घर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। मां-बाप, भाई-बहन और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के लोगों की आंखें भी नम थीं। हर कोई उस होनहार युवक को याद कर रहा था, जिसने अपनी मेहनत और लगन से परिवार के बेहतर भविष्य का सपना देखा था।
मृतक के पिता सत्यवान वर्मा ने बताया कि आलोक ने आईआईटी इलाहाबाद से पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वह पिछले करीब एक वर्ष से दिल्ली में रहकर आईएएस की तैयारी कर रहा था। परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। पिता ने भर्राई आवाज में कहा कि बेटा अफसर बनना चाहता था। उसकी मेहनत और लगन देखकर पूरा परिवार उसके सपनों को साकार होते देखने का इंतजार कर रहा था, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ छीन लिया।
दरअसल, शनिवार को दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलाजाब इलाके में एक बहुमंजिला कमर्शियल बिल्डिंग अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय आलोक अन्य छात्रों के साथ पास की एक कैंटीन में मौजूद था। बिल्डिंग का मलबा कैंटीन पर आ गिरा, जिससे आलोक समेत कई लोग उसकी चपेट में आ गए। मलबे में दबने से आलोक की मौके पर ही मौत हो गई थी।
बताया जाता है कि जिस भवन में यह हादसा हुआ, वहां कोचिंग सेंटर, कैफे और कई कार्यालय संचालित हो रहे थे। हादसे के बाद से गांव में शोक का माहौल था। शव लाये जाने व अंतिम संस्कार के बाद बेटे से बिछड़ने का दुख चीखों से बयां होता रहा।






