लखनऊ, 1 जून 2026:
यूपी के प्रशासनिक ढांचे में महिला सशक्तीकरण की एक और मजबूत तस्वीर सामने आई है। योगी सरकार ने प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक राजस्व प्रशासन की कमान महिला अधिकारियों को सौंपकर प्रशासनिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता पर भरोसा जताया है। अब राजस्व प्रशासन की शीर्ष संरचना में तीन वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारी अहम जिम्मेदारियां संभालती नजर आएंगी।
प्रदेश सरकार ने 1990 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल को राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया है। अर्चना अग्रवाल वर्तमान में अपर मुख्य सचिव परिवहन विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की अध्यक्ष के रूप में भी कार्यरत हैं। लंबे प्रशासनिक अनुभव और विभिन्न विभागों में प्रभावी नेतृत्व के कारण उन्हें राज्य की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में शामिल राजस्व परिषद की कमान सौंपी गई है।

वहीं, राजस्व विभाग की नीतिगत और प्रशासनिक जिम्मेदारी पहले से ही 2001 बैच की आईएएस अधिकारी अपर्णा यू के पास है। उन्हें इसी वर्ष प्रमुख सचिव राजस्व नियुक्त किया गया था। भूमि प्रबंधन, भू-अभिलेख, भूमि अधिग्रहण, राजस्व प्रशासन और संबंधित नीतियों के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

इसके अलावा 2005 बैच की आईएएस अधिकारी कंचन वर्मा राजस्व परिषद में आयुक्त एवं सचिव के पद पर कार्यरत हैं। परिषद के प्रशासनिक संचालन, अपीलों और विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों के निस्तारण में उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।

राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश राज्य की प्रमुख संस्थाओं में से एक है। इसमें भूमि विवादों, राजस्व मामलों, प्रशासनिक अपीलों और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए जाते हैं। ऐसे में परिषद के अध्यक्ष, राजस्व विभाग की प्रमुख सचिव और परिषद के सचिव स्तर पर महिला अधिकारियों की नियुक्ति प्रशासनिक दृष्टि से एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
यह फैसला महिलाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने की योगी सरकार की नीति को भी मजबूत करता है। इससे पहले भी सरकार विभिन्न विभागों, आयोगों, निगमों और प्रशासनिक इकाइयों में महिला अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्व प्रशासन की शीर्ष संरचना में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति सुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता को नई मजबूती प्रदान करेगी।






