लखनऊ, 1 जून 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने नागरिक सुरक्षा विभाग (सिविल डिफेंस) को प्रदेश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की मजबूत और आधुनिक रीढ़ बनाने के निर्देश दिए हैं। विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नागरिक सुरक्षा की भूमिका केवल युद्धकालीन परिस्थितियों तक सीमित नहीं रह गई है बल्कि आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव, जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और आपात स्थितियों में तत्काल प्रतिक्रिया करने में भी इसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव, अग्निशमन, प्राथमिक चिकित्सा, खोज एवं बचाव तथा आपदा प्रबंधन के क्षेत्रों में विभाग की क्षमताओं को और अधिक मजबूत किया जाए। उन्होंने स्वयंसेवकों को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने और अधिक से अधिक नागरिकों को आपदा प्रबंधन गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि सेना से सेवानिवृत्त अधिकारियों और जवानों के अनुभव का लाभ प्रशिक्षण कार्यक्रमों में लिया जाए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में विद्यालयों और महाविद्यालयों में अवकाश का समय है। ऐसे में एनसीसी और एनएसएस के स्वयंसेवकों को सिविल डिफेंस प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें सीपीआर, फर्स्ट एड और आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने आपदा आने से पहले लोगों को सतर्क और जागरूक करने के लिए सायरन प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर भी विशेष बल दिया।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद नागरिक सुरक्षा संगठन की स्थापना हुई थी। 1968 में नागरिक सुरक्षा अधिनियम लागू किया गया। संशोधित अधिनियम-2009 के तहत विभाग को आपदा पूर्व, आपदा के दौरान और आपदा के बाद की जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।
समीक्षा के दौरान विभाग की उपलब्धियां भी सामने आईं। बताया गया कि केंद्र सरकार की प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण योजना के तहत प्रदेश के 17 जनपदों में करीब 5,000 वार्डनों और स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा 72,438 छात्र-छात्राओं, 7,502 होमगार्ड स्वयंसेवकों और 4,633 नागरिकों को आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। विभिन्न सेवाओं में 6,695 स्वयंसेवक प्रशिक्षित किए जा चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मई 2025 से नागरिक सुरक्षा इकाइयों और प्रशिक्षण व्यवस्था का विस्तार प्रदेश के सभी 75 जिलों तक कर दिया गया है। सभी जिलों में नागरिक सुरक्षा इकाइयों का गठन हो चुका है। नवसृजित जनपदों में हजारों स्वयंसेवकों की भर्ती और प्रशिक्षण की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हर नागरिक सुरक्षा जनपद में वर्ष में कम से कम दो बार सभी संबंधित विभागों और हितधारकों की भागीदारी से वृहद मॉक ड्रिल आयोजित की जाए। उन्होंने आधुनिक प्रशिक्षण, अत्याधुनिक उपकरण और पर्याप्त मानव संसाधन के माध्यम से नागरिक सुरक्षा विभाग को जनसुरक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक सक्षम, प्रभावी और भरोसेमंद संस्था के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।






