योगेंद्र मलिक
देहरादून, 8 अप्रैल 2026:
उत्तराखंड निवेश और आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की चौथी बैठक में बुधवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की प्रमुख अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के कार्यों में तेजी लाई जाए।
उन्होंने कहा कि आगामी छह माह के भीतर इन परियोजनाओं की जमीनी प्रगति दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए हर परियोजना की स्पष्ट टाइमलाइन निर्धारित कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। सीएम ने कहा कि यूआईआईडीबी के गठन का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और आधारभूत संरचना को मजबूत करना है। इस दिशा में सभी विभागों को बेहतर समन्वय, जवाबदेही और गंभीरता के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने प्रक्रियात्मक जटिलताओं को दूर करने और कार्यों के सरलीकरण पर विशेष बल दिया जिससे परियोजनाएं तेजी से धरातल पर उतर सकें। शारदा कॉरिडोर योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने भूमि उपलब्धता के साथ-साथ भूस्खलन जैसी संवेदनशीलताओं का अध्ययन कर आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शारदा नदी के किनारे रिवरफ्रंट विकास और घाटों के सौंदर्यीकरण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकेगी।
आगामी हरिद्वार कुंभ को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने गंगोत्री से हरिद्वार तक गंगा की स्वच्छता, हरिद्वार व ऋषिकेश के घाटों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर राजेश कुमार, बृजेश संत, धीराज गर्ब्याल, रणवीर सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






