
लखनऊ, 29 सितंबर 2026:
यूपी के चर्चित कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है। लखनऊ जनपद में बंथरा के पास बंद चल रही एलिवेटेड लेन आज दोपहर से फिर वाहनों के लिए खोल दी जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूरी कर ली है। हालांकि, एक्सप्रेसवे पर खामियां मिलने का सिलसिला अभी थमा नहीं है। सोमवार को लखनऊ लेन में बेहटा गांव के सामने अंडरपास के जॉइंट में दरार मिलने के बाद एक बार फिर निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
लखनऊ में बंथरा के पास किमी संख्या 14.4 पर 13 सितंबर को स्लैब का कंक्रीट गिर गया था। इसके बाद 14 सितंबर से इस हिस्से पर आवागमन बंद कर दिया गया था। बनी के आगे से वाहनों को सर्विस रोड के रास्ते लखनऊ भेजा जा रहा था। इससे वाहन चालकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पहले इस लेन को 25 सितंबर को खोलने की योजना थी।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के मुताबिक क्षतिग्रस्त हिस्से में करीब ढाई मीटर का स्पैन बदलकर उच्च क्षमता वाला स्पैन लगाया गया है। मरम्मत का मुख्य काम 24 सितंबर तक पूरा हो गया था लेकिन बारिश के कारण सड़क पर डामर की अंतिम लेयर नहीं बिछाई जा सकी थी। अब यह काम भी पूरा कर लिया गया है और आज दोपहर तक लेन खोल दी जाएगी।
फिर सामने आई नई दरार
एक ओर बंथरा की लेन खोलने की तैयारी पूरी हुई, वहीं सोमवार को एक्सप्रेसवे की लखनऊ लेन में किमी 63.6 पर बेहटा गांव के सामने बने अंडरपास के जॉइंट में लंबाई में सीधी दरार दिखाई दी। सूचना मिलते ही कार्यदायी संस्था पीएनसी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मरम्मत शुरू कर दी। एनएचएआई के पीडी के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर सामने आ रही मामूली खामियों की लगातार मरम्मत कराई जा रही है।

नदी के पुल पर भी जॉइंट खुला
संडीला-चकलवंशी मार्ग पर कस्बे में सई नदी के पुल का एक हिस्सा धंस गया। पुल का जॉइंट खुलने से लोहे के एंगल ऊपर निकल आए हैं। वहीं शाहजहांपुर में खन्नौत नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। गर्रा नदी भी तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण उफान पर है। तटीय इलाकों के घरों में पानी पहुंचने लगा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के कई गांवों के जंगल और संपर्क मार्ग भी जलमग्न हो गए हैं।






