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LDA का डिजिटल दांव : 30 दिन का काम होगा सिर्फ 1 दिन में, अब AI करेगा टेंडरों की जांच

फर्जी दस्तावेजों पर लगेगी लगाम, तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन होगा तेज, पारदर्शी और निष्पक्ष, उपाध्यक्ष ने दिए AI Bid Evaluation System विकसित करने के निर्देश

लखनऊ, 29 जुलाई 2026:

यूपी की राजधानी में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इंडिया एआई मिशन के तहत एलडीए एक विशेष एआई बिड इवैल्यूएशन सिस्टम विकसित कराएगा। इसकी मदद से टेंडरों की तकनीकी और वित्तीय जांच पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सटीक और निष्पक्ष तरीके से हो सकेगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद 15 से 30 दिन में पूरी होने वाली टेंडर मूल्यांकन प्रक्रिया महज एक दिन में पूरी की जा सकेगी।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक कर एआई आधारित बिड इवैल्यूएशन सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के इस्तेमाल से मानवीय त्रुटियों की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ जवाबदेही भी बढ़ेगी।

दस्तावेजों की मैन्युअल जांच में लगता है समय

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उपाध्यक्ष ने बताया कि एलडीए के विभिन्न प्रकार के टेंडरों में कई संस्थाएं भाग लेती हैं। हर टेंडर के साथ औसतन 150 से 200 पन्नों के दस्तावेज जमा किए जाते हैं। उनमें पात्रता, कार्यानुभव, वित्तीय स्थिति, तकनीकी योग्यता और अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र शामिल होते हैं। वर्तमान व्यवस्था में इन सभी दस्तावेजों की मैन्युअल जांच करनी पड़ती है। इससे मूल्यांकन में 15 से 30 दिन तक का समय लग जाता है। एआई आधारित प्रणाली लागू होने के बाद यही पूरी प्रक्रिया एक दिन के भीतर पूरी की जा सकेगी। इससे विकास परियोजनाओं के आवंटन में तेजी आएगी और समय की बचत होगी।

फर्जी दावों पर कसेगा शिकंजा

प्रथमेश कुमार ने बताया कि कई बार टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाली फर्में अपने पुराने कार्यों से जुड़े प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करती हैं। नया एआई मॉडल इन दस्तावेजों का खुद ही विश्लेषण करेगा। यदि किसी संस्था ने फर्जी प्रमाणपत्र, गलत जानकारी या नियमों के विपरीत दस्तावेज प्रस्तुत किए होंगे तो सिस्टम उन्हें तुरंत चिन्हित कर देगा। इससे अपात्र और नियमों का उल्लंघन करने वाली फर्मों की पहचान आसान होगी तथा टेंडर प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मजबूत होगी।

ई-गवर्नेंस को मिलेगा नया आयाम

एलडीए का मानना है कि एआई तकनीक के इस्तेमाल से टेंडर प्रक्रिया में मनमानी, नियमों की अनदेखी और दस्तावेजों में गड़बड़ी जैसी आशंकाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। एआई एप पूर्व निर्धारित मानकों के आधार पर हर बिड का निष्पक्ष मूल्यांकन करेगा। इससे सभी प्रतिभागियों को समान अवसर मिल सकेगा। एलडीए की यह पहल टेंडर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और विश्वसनीय बनाने के साथ ई-गवर्नेंस व्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। इसके साथ ही विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ने से शहर की आधारभूत परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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