
लखनऊ, 28 जून 2026:
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने विभागीय अनुशासनहीनता और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरक्षी (सिपाही) सुनील कुमार शुक्ला को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में उन्हें सोशल मीडिया और मीडिया मंचों का दुरुपयोग करने, वरिष्ठ अधिकारियों पर बिना किसी ठोस साक्ष्य के आरोप लगाने तथा सेवा नियमों का लगातार उल्लंघन करने का दोषी पाया गया।
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए गत 7 मई को एक समिति का गठन किया गया था। समिति ने मामले से जुड़े सभी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए और आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला सहित सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने तथा साक्ष्य प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया।
जांच के दौरान आरक्षी अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। समिति ने पाया कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ निराधार आरोपों का सार्वजनिक रूप से प्रसार किया। इससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, जिससे पुलिस बल में अनुशासनहीनता को बढ़ावा मिला।

विभागीय जांच में यह भी कहा गया कि आरक्षी ने बिना विभागीय अनुमति सोशल मीडिया का उपयोग किया। यह कृत्य उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया नीति-2023, उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 के नियम 3, 6, 7 एवं 27 तथा उत्तर प्रदेश वर्दी विनियम के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया।
पुलिस कमिश्नरेट ने जांच में गंभीर दुराचार सिद्ध होने के आधार पर आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला को तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके साथ ही विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासन, सेवा नियमों और सोशल मीडिया नीति का उल्लंघन करने वाले किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।






