Lucknow News: डालीगंज से पक्का पुल का सफर सिर्फ 2 मिनट में, दिवाली से पहले खुलेगा 25 मीटर ऊंचा फ्लाईओवर
ग्रीन कॉरिडोर के तहत बन रहे 1.1 किमी लंबे फ्लाईओवर का स्ट्रक्चर तैयार, टीले वाली मस्जिद के पास बनेगी इंटीग्रेटेड रोटरी, पुराने लखनऊ की 10 लाख आबादी को मिलेगी बड़ी राहत

लखनऊ, 7 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के पुराने शहर के लोगों के लिए दीपावली से पहले बड़ी राहत मिलने जा रही है। ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत बन रहा शहर का सबसे ऊंचा फ्लाईओवर अक्टूबर के अंत तक तैयार कर दीपावली से पहले यातायात के लिए खोलने की तैयारी है। करीब 1.1 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद डालीगंज से पक्का पुल तक का सफर महज दो मिनट में पूरा हो सकेगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने फ्लाईओवर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने अधिकारियों को बचे हुए काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। पक्का पुल (हर्डिंग ब्रिज) से डालीगंज रोटरी के बीच बन रहा यह दो लेन का फ्लाईओवर रेलवे ब्रिज के ऊपर से गुजरता है। इसकी जमीन से ऊंचाई करीब 25 मीटर है।

फ्लाईओवर के मुख्य स्ट्रक्चर का निर्माण पूरा हो चुका है। अब डामरीकरण और स्ट्रीट लाइट लगाने समेत अन्य अंतिम कार्य किए जा रहे हैं। फ्लाईओवर चालू होने के बाद पक्का पुल से समतामूलक चौराहे तक सीधा आवागमन संभव होगा। इससे पुराने लखनऊ की करीब 10 लाख की आबादी को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
टीले वाली मस्जिद के पास बनेगी इंटीग्रेटेड रोटरी
फ्लाईओवर पर चढ़ने और उतरने वाले वाहनों को सुगम एवं सुरक्षित रास्ता देने के लिए टीले वाली मस्जिद के पास नई इंटीग्रेटेड रोटरी विकसित की जाएगी। वहीं मरी माता मंदिर के पास पहले से बनी रोटरी को री-मॉडल कर चार लेन का पैसेज तैयार किया जाएगा। एलडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि आईआईटी बीएचयू और वीएनआईटी नागपुर की संयुक्त टीम के सर्वे के आधार पर इंटीग्रेटेड रोटरी की ड्राइंग तैयार कराई गई है।
पक्का पुल पर बंद होगा वाहनों का आवागमन
आने वाले समय में पक्का पुल का स्वरूप भी बदल जाएगा। सेतु निगम की ओर से गोमती नदी पर पक्का पुल के पास नया ब्रिज बनाया जा रहा है। इसके चालू होने के बाद पुराने पक्का पुल पर वाहनों का प्रवेश बंद करने की योजना है।
एलडीए उपाध्यक्ष के मुताबिक पुराने पक्का पुल को पैदल यात्रियों के लिए पेडेस्ट्रियन ब्रिज के रूप में इस्तेमाल करने का प्रस्ताव है। यानी आने वाले दिनों में यह पुल वाहनों के बजाय शहरवासियों के लिए पैदल आवाजाही का नया रास्ता बन सकता है।






