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Lucknow News : समाधान दिवस से दूरी, धरने पर बैठे लेखपाल, जमीन के मामलों में फरियादियों को मिला सिर्फ आश्वासन

2800 ग्रेड-पे समेत कई मांगों को लेकर UP Lekhpal Association का आंदोलन शुरू, मोहनलालगंज तहसील में दर्जनों लेखपालों ने दिया धरना, 8 अक्टूबर से ऑनलाइन सेवाओं का बहिष्कार, 14 अक्टूबर को रैली, 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालयों पर कार्य बहिष्कार का एलान, जमीन से जुड़े मामलों व आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र और वरासत जैसे काम प्रभावित रहा

एमएम खान

मोहनलालगंज (लखनऊ), 3 अक्टूबर 2026:

यूपी के लखनऊ में लंबित मांगों को लेकर लेखपालों का आंदोलन शनिवार से शुरू हो गया। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की लखनऊ जिला शाखा के आह्वान पर मोहनलालगंज तहसील में लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया और तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। इससे राजस्व से जुड़े कामकाज पर असर पड़ना शुरू हो गया है।

जमीन से जुड़े मामलों में शिकायत पत्र लेकर लौटे फरियादी

आंदोलन के बीच समाधान दिवस में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर पहुंचे फरियादियों से शिकायत पत्र लिया गया। उन्हें जल्द निस्तारण का आश्वासन देकर वापस भेजा गया। लेखपालों के धरने के चलते मौके पर शिकायतों की जांच और राजस्व संबंधी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।

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24 अक्टूबर तक चलेगा चरणबद्ध आंदोलन

लेखपाल संघ की लखनऊ जिला शाखा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर 3 से 24 अक्टूबर तक चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया था। जिलाध्यक्ष विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर धरना शुरू किया गया है। इसके बाद आंदोलन के अलग-अलग चरण तय किए गए हैं।

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ऑनलाइन सेवाओं का भी होगा बहिष्कार, 17 से 23 अक्टूबर तक तहसीलों में धरना

संघ के मुताबिक 8 अक्टूबर से लेखपाल ऑनलाइन सेवाओं का बहिष्कार करेंगे। 10 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर थाना दिवस में काम किया जाएगा। 12 अक्टूबर को रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली निकालकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। आंदोलन के अगले चरण में 17 से 23 अक्टूबर तक सभी तहसील मुख्यालयों पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान लेखपाल धरने पर भी बैठेंगे। 24 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर कार्य बहिष्कार प्रस्तावित है।

आय-जाति प्रमाण पत्र से वरासत तक काम प्रभावित, 2800 ग्रेड-पे समेत कई मांगें

लेखपालों के आंदोलन का असर आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, वरासत, Farmer Registration और सत्यापन जैसे राजस्व कार्यों पर पड़ सकता है। इन कामों में लेखपालों की रिपोर्ट और सत्यापन की भूमिका रहती है, इसलिए आंदोलन के दौरान इनके निस्तारण में देरी की स्थिति बन सकती है। लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में 2800 ग्रेड-पे लागू करना, वेतन विसंगति दूर करना, अंतरमंडलीय स्थानांतरण की सुविधा, पदोन्नति, भत्तों में बढ़ोतरी और नवनियुक्त लेखपालों का स्थायीकरण शामिल है।

राजस्व विभाग की अहम कड़ी की शासन पर अनदेखी का आरोप

जिलाध्यक्ष विश्वनाथ प्रताप सिंह ने कहा कि लेखपाल लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन का ध्यान खींच रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा। जिलामंत्री कुलदीप सिंह यादव ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग की अहम कड़ी हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने शासन से जल्द वार्ता कर मांगों का समाधान निकालने की मांग की।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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