लखनऊ में NSUI का हल्लाबोल : CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी, पुलिस से धक्का-मुक्की, हिरासत में कार्यकर्ता
राहुल-प्रियंका गांधी की रिहाई की मांग को लेकर हजरतगंज में प्रदर्शन, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को इको गार्डन भेजा, चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल

लखनऊ, 6 अक्टूबर 2026:
दिल्ली में धरना-प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। हजरतगंज चौराहे पर जुटे कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
NSUI कार्यकर्ताओं ने कहा कि विपक्षी नेताओं को हिरासत में रखना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनका आरोप था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय उसकी बात सुनी जानी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की रिहाई की मांग को लेकर भी लगातार नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाते हुए निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और संबंधित मुद्दों पर स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए।

प्रदर्शन बढ़ा तो पुलिस ने संभाला मोर्चा
हजरतगंज में प्रदर्शन तेज होने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को बाद में इको गार्डन भेज दिया गया।
प्रदर्शन के मद्देनजर हजरतगंज क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाकर यातायात और कानून-व्यवस्था सामान्य बनाए रखने की कार्रवाई की। हिरासत में लिए जाने से पहले कार्यकर्ता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की रिहाई की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के जरिए NSUI ने विपक्षी नेताओं की हिरासत और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।






