
लखनऊ, 24 अगस्त 2026:
यूपी की सियासत में समाजवादी पार्टी और भाजपा गठबंधन के नेताओं के बीच जुबानी जंग लगातार तीखी होती जा रही है। सुभासपा प्रमुख और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राजभर ने अखिलेश यादव के एक कथित वायरल इंटरव्यू का हवाला देते हुए उन्हें राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर घेरा।
मंत्री राजभर ने पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा कि अखिलेश यादव खुद बता रहे हैं कि उन्हें याद नहीं कि वह कितनी बार फेल हुए। उन्होंने कहा कि अखिलेश सिर्फ एक विषय में पास हुए और बाकी में फेल रहे। राजभर ने आगे लिखा कि मुख्यमंत्री पिता की बदौलत ऑस्ट्रेलिया घूमने का मौका मिला लेकिन राजनीतिक इतिहास में वे सिर्फ एक बार पास होंगे और बाकी हर बार फेल।
अखिलेश यादव जी!
आपका एक इंटरव्यू सोशल मीडिया में वायरल है जिसमें आप बता रहे हैं कि आपको ख़ुद याद नहीं कि आप कितनी बार फेल हुए हैं। उसमें आपने बताया कि आप सिर्फ़ एक विषय में पास हुए, बाक़ी में फेल। मुख्यमंत्री पिता की बदौलत ऑस्ट्रेलिया घूम आने के लिए बधाई लेकिन आपके इतिहास में…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) August 24, 2026
इसके बाद राजभर का हमला और तल्ख हो गया। उन्होंने अखिलेश के राजनीतिक सफर को उनके पारिवारिक और सामाजिक प्रभाव से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि चांदी का चम्मच लेकर पैदा होने के कारण उन्हें असफलताओं के बावजूद मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला। राजभर ने सपा पर गैर-यादव पिछड़ी जातियों के आरक्षण के हक की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।
राजभर ने अपनी पोस्ट में राजभर, मल्लाह, निषाद, बिंद, केवट, प्रजापति, मौर्या, कुर्मी, बंजारा, पाल, नाई और धोबी समेत कई पिछड़ी जातियों का जिक्र करते हुए कहा कि गैर-यादव पिछड़ा समाज अब सैफई परिवार की ‘गुलामी’ नहीं करेगा। उन्होंने अखिलेश को पिछड़ों का नेता बनने के लिए ‘पीट देगा अहीर’ की भावना से बाहर निकलने की नसीहत भी दी।
सपा सरकारों पर निशाना साधते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि चार बार की सरकार में गैर-यादव पिछड़ों के आरक्षण पर ‘डकैती’ डाली गई। उन्होंने अखिलेश को अपने चाचा शिवपाल यादव से इस संबंध में पूछने की सलाह देते हुए कहा कि वह सच्चाई बता सकते हैं।
राजभर यहीं नहीं रुके। एक दिन पहले की अपनी पोस्ट में उन्होंने सपा के पीडीए और ‘एमवाई’ समीकरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में यादव और मुस्लिम समुदाय को ही प्राथमिकता मिलती थी और अन्य पिछड़ी जातियों को सम्मान और हिस्सेदारी नहीं मिली।
पीएम मोदी के आरक्षण संबंधी बयान का जिक्र करते हुए राजभर ने सपा पर आरक्षण के मुद्दे पर ‘झूठ फैलाने’ का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही उन्होंने शिवपाल यादव और आजम खान को लेकर भी अखिलेश पर राजनीतिक तंज कसा और कहा कि उन्हें अपने ‘चच्चू’ पर नजर रखनी चाहिए। राजभर के लगातार हमलों से साफ है कि यूपी में पिछड़ों की राजनीति और आरक्षण का मुद्दा आने वाले दिनों में सपा और भाजपा गठबंधन के बीच सियासी टकराव का बड़ा केंद्र बनने वाला है।






