Uttarakhand

चारधाम यात्रा से पहले आपदा प्रबंधन की बड़ी तैयारी, जीरो लॉस ऑफ लाइफ लक्ष्य पर फोकस

देहरादून में टेबल टॉप एक्सरसाइज, 10 अप्रैल को होगी राज्यव्यापी मॉक ड्रिल, अलर्ट मोड में सभी एजेंसियां

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 8 अप्रैल 2026:

चारधाम यात्रा के सुरक्षित और सुचारु संचालन को लेकर उत्तराखंड प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को देहरादून में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के संयुक्त तत्वावधान में टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई। इसमें यात्रा के दौरान किसी भी आपदा की स्थिति में जीरो लॉस ऑफ लाइफ सुनिश्चित करने के लक्ष्य पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में भूस्खलन, बादल फटने, अतिवृष्टि और खराब मौसम जैसे संभावित खतरों से निपटने की रणनीति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों की जीआईएस मैपिंग, संसाधनों के आकलन और इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) के तहत इंसीडेंट कमांडर, सेक्टर मजिस्ट्रेट और नोडल अधिकारियों की भूमिकाओं की समीक्षा की।

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एनडीएमए और यूएसडीएमए के विशेषज्ञों ने सभी सेक्टर कमांडरों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्टेकहोल्डर्स की सूची तैयार करें। ठोस कंटीजेंसी प्लान बनाएं और आपात स्थिति के लिए इंसीडेंट एक्शन प्लान तैयार रखें। ड्रोन सर्वेक्षण और हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए पूर्व अनुमति और समन्वय सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

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सड़क व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग (PWD) और सीमा सड़क संगठन (BRO) को संवेदनशील स्थलों पर मशीनरी और मानव संसाधन तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आर्मी, आईटीबीपी, एसएसबी, आईएएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी की टीमें अलर्ट मोड पर रहेंगी।

एडीएम वित्त केके मिश्रा ने बताया कि देहरादून को 9 जोन और 23 सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। पंजीकरण, परिवहन, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाएं सुदृढ़ कर ली गई हैं। तैयारियों की परख के लिए 10 अप्रैल को राज्य स्तर पर व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी जिसमें सभी संबंधित विभाग भाग लेंगे।

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