Uttar Pradesh

स्पोर्ट्स सिटी के रूप में मेरठ की धाक : UP की नीतियों से वैश्विक बाजार में बढ़ी दस्तक

क्लस्टर आधारित विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन से मेरठ का स्पोर्ट्स इक्विपमेंट सेक्टर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा, नोएडा बन रहा स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के लिए लॉजिस्टिक गेम चेंजर

लखनऊ, 21 मार्च 2026:

यूपी सरकार की उद्योग प्रोत्साहन नीतियों और क्लस्टर आधारित विकास मॉडल के चलते मेरठ देश के स्पोर्ट्स इक्विपमेंट सेक्टर का एक मजबूत और उभरता हुआ केंद्र बनकर सामने आया है। नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टरों को यदि आधुनिक तकनीक और नीतिगत समर्थन मिले तो भारत वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी कई गुना तक बढ़ा सकता है।

मेरठ लंबे समय से स्पोर्ट्स गुड्स निर्माण का प्रमुख हब रहा है। यहां 250 से अधिक निर्यात इकाइयों के साथ 1,000 से ज्यादा घरेलू इकाइयां सक्रिय हैं। इसके अलावा 4,000 से अधिक सूक्ष्म उद्यम और करीब 20,000 घरेलू उत्पादन इकाइयां इस उद्योग से जुड़ी हुई हैं। क्रिकेट बैट, फुटबॉल, बॉक्सिंग ग्लव्स और जिम उपकरणों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। यूपी सरकार ने इस पारंपरिक उद्योग को आधुनिक औद्योगिक विकास से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।

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पश्चिमी यूपी में बेहतर सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेस-वे और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इससे निर्यात प्रक्रिया आसान और तेज हुई है। साथ ही एमएसएमई सेक्टर को वित्तीय सहायता, तकनीकी उन्नयन और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता दोनों में सुधार हुआ है।

केंद्र सरकार के बजट 2026 में स्पोर्ट्स गुड्स सेक्टर के लिए 500 करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान और पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण पर जोर ने इस क्षेत्र को नई गति दी है। प्रदेश सरकार इस अवसर का लाभ उठाते हुए मेरठ को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने पर फोकस कर रही है।

हालांकि इस सेक्टर को कच्चे माल की ऊंची लागत, 10 से 20 प्रतिशत तक आयात शुल्क, तकनीकी कमी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है। आधुनिक मशीनरी, ब्रांडिंग और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आने वाले वर्षों में कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और संभावित ओलंपिक 2036 जैसे बड़े आयोजनों से स्पोर्ट्स इक्विपमेंट की मांग में तेजी आने की उम्मीद है। वहीं, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) और ग्रेटर नोएडा का लॉजिस्टिक्स हब निर्यात को और अधिक गति देंगे। बेहतर कनेक्टिविटी से मेरठ जैसे क्लस्टरों को सीधा लाभ मिलेगा। यह क्षेत्र वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा।

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