National

Meta की मुश्किलें बढ़ीं, India में सवालों से घिरी, इस देश की कोर्ट ने ठोंका 5,000 करोड़ का जुर्माना

भारत में पीएम की पोस्ट हटाने पर शुरू हुआ था विवाद, सरकार लगातार Meta से एल्गोरिद्म, Deepfake, CSAM, AI सिस्टम पर सवाल पूछ रही है, न्यू मैक्सिको की अदालत ने युवाओं की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया, कोर्ट ने कंपनी के कामकाज पर भी सख्त टिप्पणियां भी कीं

न्यूज डेस्क, 7 अगस्त 2026:

भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की Facebook पोस्ट हटने के विवाद के बाद Meta लगातार सरकार के निशाने पर है। कंपनी के अधिकारियों से दूसरे दिन भी पूछताछ हुई, Deepfake, CSAM, एल्गोरिद्म, AI मॉडरेशन सिस्टम समेत कई मुद्दों पर जवाब मांगा गया। इसी बीच अमेरिका के न्यू मैक्सिको से भी Meta के लिए बड़ा झटका आया है। वहां की अदालत ने Instagram और Facebook की पैरेंट कंपनी पर 567 मिलियन डॉलर यानी करीब 5,000 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

भारत में सरकार ने बढ़ाई सख्ती

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों ने Meta की टीम से लगातार दूसरे दिन बैठक की। सरकार ने पूछा कि कंपनी भारतीय कानूनों का पालन किस तरह कर रही है, उसका एल्गोरिद्म कैसे काम करता है, अवैध कंटेंट रोकने के लिए क्या व्यवस्था है और Deepfake व बाल यौन शोषण से जुड़े कंटेंट पर कितनी प्रभावी कार्रवाई हो रही है।

ये भी पढ़ें:

सरकार ने साफ किया कि अगर कंपनी मध्यस्थ के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं करती तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 के तहत मिलने वाली Safe Harbour सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। Meta ने सरकार को भरोसा दिया कि वह इन मामलों में सुधार के लिए काम कर रही है।

पीएम की पोस्ट हटने के बाद बढ़ा विवाद

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की Facebook पोस्ट कुछ घंटों के लिए प्लेटफॉर्म से हट गई थी। बाद में Meta ने इसे AI आधारित कंटेंट फिल्टर की तकनीकी गलती बताया और माफी मांगी। इसके बाद केंद्र सरकार ने कंपनी के अधिकारियों को तलब कर जवाब मांगा। बैठकों का दौर अभी भी जारी है।

उधर अमेरिका में Meta पर कोर्ट का आया बड़ा फैसला

इसी बीच न्यू मैक्सिको की अदालत ने Meta को बड़ा झटका देते हुए 567 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया। अदालत ने माना कि कंपनी के प्लेटफॉर्म से युवाओं की मानसिक सेहत पर असर पड़ा। फैसले के मुताबिक करीब 420 मिलियन डॉलर इलाज और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किए जाएंगे, जबकि बाकी रकम अगले पांच साल में जागरूकता अभियान, जांच सेवाओं समेत दूसरे कामों पर लगाई जाएगी।

कोर्ट ने लगाए गंभीर आरोप

मुकदमे के पहले चरण में अदालत Meta पर 375 मिलियन डॉलर का दीवानी जुर्माना भी लगा चुकी है। अदालत ने माना कि कंपनी बच्चों की सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को लेकर पर्याप्त कदम नहीं उठा सकी और प्लेटफॉर्म पर मौजूद कुछ गंभीर जानकारियां भी छिपाई गईं।

हर मांग पर नहीं मिली अदालत की मंजूरी

मुकदमे में Meta के प्लेटफॉर्म पर उम्र सत्यापन, लत बढ़ाने वाले फीचर सीमित करने, डिफॉल्ट प्राइवेसी मजबूत करने जैसे बदलावों की मांग भी उठी थी। हालांकि अदालत ने कहा कि अमेरिका का COPPA कानून 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए अनिवार्य आयु सत्यापन लागू करने के मामले में कानूनी सीमाएं तय करता है। अदालत ने यह भी माना कि सिर्फ Meta पर ऐसे नियम लागू करना बाकी सोशल मीडिया कंपनियों के मुकाबले अनुचित होगा।

ये भी पढ़ें  भारत पर अमेरिकी टैरिफ लागू होने में बचे हैं सिर्फ 19 दिन: ट्रंप के फैसले से व्यापार में उथल-पुथल

Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button