लखनऊ, 19 अप्रैल 2026:
यूपी दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग ने अपने स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर दुग्ध स्वर्ण महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया। प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस दो दिवसीय महोत्सव का समापन बड़े उत्साह के साथ हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत सीएम योगी के शुभकामना संदेश के वाचन से हुई। इसमें उन्होंने दुग्ध विकास को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। इस महोत्सव में प्रदेश भर से लगभग 10 हजार पशुपालक, दुग्ध उत्पादक और निवेशकों ने भाग लिया और लाखों लोग वेबकास्टिंग के माध्यम से जुड़े।
समापन सत्र में विशेषज्ञों ने स्वदेशी नस्ल के गौ-पालन और नवीनतम डेयरी टेक्नोलॉजी पर विस्तृत चर्चा की। उद्देश्य प्रदेश को देश का अग्रणी दुग्ध उत्पादक राज्य बनाए रखना था। विभाग के अपर प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और उनके माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने पर जोर दिया। वहीं दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के ने सरकार की योजनाओं और संकल्पों से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था में डेयरी क्षेत्र का योगदान लगातार बढ़ रहा है। यह वर्तमान में ₹1.72 लाख करोड़ के सकल मूल्यवर्धन तक पहुंच चुका है। नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत अब तक 10 हजार से अधिक लाभार्थियों को ₹84 करोड़ की राशि डीबीटी के जरिए दी जा चुकी है।
निवेश के मोर्चे पर भी यूपी ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब तक ₹25 हजार करोड़ से अधिक के 796 एमओयू साइन हो चुके हैं। इनसे करीब 60 हजार रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। वहीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 के तहत ₹2 हजार करोड़ की 72 परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं। महोत्सव के दौरान ₹3 हजार करोड़ से अधिक के 59 नए एमओयू साइन हुए। इनमें आनन्दा, ज्ञान और परम डेयरी जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।
इनसे 13 हजार नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा प्रदेश में 4 हजार से अधिक नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जिससे करीब 1.5 लाख दुग्ध उत्पादकों को सीधा या परोक्ष लाभ मिल रहा है। कार्यक्रम में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, वहीं सफल दुग्ध उत्पादकों ने अपनी प्रेरक कहानियां साझा कर माहौल को उत्साह से भर दिया।






