राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 18 जून 2026:
उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना को और मजबूत बनाने की तैयारी में जुटी है। खिलाड़ियों की फिटनेस और खेल प्रदर्शन का सटीक आकलन करने के लिए अब P-SAT यानी फिजिकल स्टैंडर्ड एप्टीट्यूड टेस्ट साल में दो बार कराया जाएगा। इसके साथ ही हर शनिवार खिलाड़ियों को खेलोक पोर्टल के जरिए दो घंटे की वर्चुअल ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नई व्यवस्था का मकसद खिलाड़ियों की प्रोग्रेस पर लगातार नजर रखना है, ताकि उनकी क्षमता का बेहतर आकलन हो सके और प्रदर्शन में लगातार सुधार लाया जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के नियमों और चयन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और नतीजों पर आधारित बनाने के लिए कुछ बदलावों का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
फिलहाल यह प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है।
उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला होने तक योजना की चयन प्रक्रिया और बाकी गतिविधियां पहले से तय व्यवस्था के मुताबिक चलती रहेंगी। अब प्रदेश के सभी बालक और बालिका खिलाड़ियों का P-SAT स्कोर साल में दो बार अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। इससे फिटनेस, शारीरिक क्षमता और खेल प्रदर्शन का वैज्ञानिक आधार पर मूल्यांकन संभव होगा।
जमीनी स्तर पर खेल गतिविधियों को मजबूत करने के लिए सभी जिलों के जिला क्रीड़ा अधिकारियों को खेल प्रशिक्षकों और शारीरिक शिक्षा अध्यापकों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद खिलाड़ियों तक बेहतर प्रशिक्षण और ज्यादा मौके पहुंचाना है।
डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाते हुए खेल विभाग ने हर शनिवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए खेलोक पोर्टल पर दो घंटे का वर्चुअल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है। इस पहल से खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा और अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं बढ़ेगा।
रेखा आर्या ने कहा कि सभी जिला क्रीड़ा अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं, ताकि प्रदेश का कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी आगे बढ़ने के अवसर से वंचित न रहे।





