DelhiNational

NEET पर संसद में संग्राम : पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का सम्मान, बाहर विपक्ष का प्रदर्शन

प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार का बड़ा दांव, पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी, विपक्ष का हंगामा तेज, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित

नई दिल्ली, 27 जुलाई 2026:

संसद के मानसून सत्र में सोमवार सुबह NEET पेपर लीक विवाद को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म दिखा। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे जहां एनडीए सांसदों ने उन्हें शॉल और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया। सांसद उन्हें सम्मान के साथ संसद भवन के अंदर तक लेकर गए। गौरतलब है कि प्रधान ने 25 जुलाई को NEET पेपर लीक विवाद के बीच अपने पद से इस्तीफा दिया था।

दूसरी ओर विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रियंका गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन करते हुए 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं पर केंद्रीय गृह मंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग की। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के सवालों से बच रही है।
neet-paper-leak-parliament-protest-dharmendra-pradhan-anti-leak-bill (2)

इसी बीच सरकार ने पेपर लीक पर सख्ती दिखाते हुए लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पेश करने का फैसला किया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह यह विधेयक सदन में प्रस्तुत करेंगे। विधेयक पर एनडीए के नौ सांसद बहस में हिस्सा लेंगे। उनमें बांसुरी स्वराज, तेजस्वी सूर्या, अनुप्रिया पटेल और मिताली बाग प्रमुख हैं।

ये भी पढ़ें:

प्रस्तावित संशोधन के तहत 2024 के कानून को और कड़ा बनाया जाएगा। पेपर लीक के आरोपियों के लिए कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा। इसके साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अधिकार मिलेगा, जहां ऐसे मामलों की रोजाना सुनवाई होगी।

मालूम हो कि पीएम नरेंद्र मोदी ने गत दिनों अपने वीडियो संदेश में स्पष्ट कहा था कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध है। इसके खिलाफ सरकार किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतेगी। हालांकि, इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव इतना बढ़ गया कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों में जोरदार हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

ये भी पढ़ें  दिल्ली कूच पर अड़े किसान, बॉर्डर बने किले! यूपी-हरियाणा में सख्त पहरा, कई जगह जाम और टकराव

Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button