
न्यूज डेस्क, 4 अक्टूबर 2026:
Nestle के Low Fat Dairy Whitener को लेकर Food Safety पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। FSSAI की जांच में कंपनी का यह प्रोडक्ट unsafe और substandard पाया गया है। Food Analyst की लैब रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित food business operator को इसकी बिक्री तुरंत रोकने का निर्देश दिया गया है।
लैब जांच में unsafe निकला Nestle का प्रोडक्ट
FSSAI के मुताबिक, Nestle के Low Fat Dairy Whitener का सैंपल नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित भारत होटल्स लिमिटेड यानी द ललित के परिसर से लिया गया था। जांच के लिए भेजे गए सैंपल की Food Analyst की लैब रिपोर्ट में इसे unsafe और substandard बताया गया।
FSS Act के मानकों पर खरा नहीं उतरा
लैब रिपोर्ट के मुताबिक, Low Fat Dairy Whitener का यह सैंपल Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत तय मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। FSSAI ने इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की है।
बिक्री रोकने का निर्देश
FSSAI ने संबंधित FBO को identified unsafe food product की बिक्री तत्काल रोकने का निर्देश दिया है। हालांकि उपलब्ध जानकारी में यह साफ नहीं किया गया है कि रोक सिर्फ जांच किए गए सैंपल या बैच पर लागू है या Nestle के इस प्रोडक्ट की बिक्री व्यापक स्तर पर रोकी गई है।
द ललित से लिया गया था सैंपल
यह मामला उस सैंपल से जुड़ा है, जिसे कनॉट प्लेस स्थित भारत होटल्स लिमिटेड के द ललित परिसर से लिया गया था। FSSAI ने इसी आधार पर भारत होटल्स लिमिटेड को गैर-अनुपालन वाले प्रोडक्ट को लेकर नोटिस जारी किया है। Food Analyst की लैब रिपोर्ट की एक कॉपी संबंधित FBO को उपलब्ध कराई गई है। FSSAI ने उसे तय कानूनी प्रक्रिया के तहत रिपोर्ट के खिलाफ अपील करने का मौका भी दिया है।
A sample of Nestlé "Low Fat Dairy Whitener" collected from M/s Bharat Hotels Ltd. (The Lalit), New Delhi, has been declared UNSAFE & SUBSTANDARD by Food Analyst reports under the FSS Act 2006.
Directives have been issued to immediately prohibit the sale of product#FSSAINotice https://t.co/4aVEOV7gx9
— FSSAI (@fssaiindia) October 3, 2026
बेबी फूड को लेकर भी Nestle पर FSSAI ने की थी कार्रवाई
बता दें सितंबर माह में भी Nestle India के बेबी फूड प्रोडक्ट्स को लेकर भी FSSAI ने कार्रवाई की थी। जांच में NAN Excella Pro Stage 1 की प्रचार सामग्री में 5 HMOs और Whey Protein से जुड़े दावे मिले, जबकि Lactogen Pro 1 के प्रचार में Whey Protein को आसानी से पचने वाला बताया गया था। FSSAI ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा। इसके अलावा Nestle के Follow-up Formula के एक सैंपल में बायोटिन की मात्रा तय मानक के मुताबिक नहीं मिली। Referral Laboratory में दोबारा जांच के बाद भी बायोटिन की मात्रा निर्धारित स्तर पर नहीं पाई गई। इन उल्लंघनों को लेकर FSSAI ने Nestle India के खिलाफ तीन अलग-अलग Adjudication Cases दर्ज किए थे।






