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प्रयागराज ही नहीं, पूरा “तीर्थ त्रिकोण” झेल रहा है भीड़ का दबाव, प्रशासन के छूटे पसीने

लखनऊ, 31 जनवरी 2025:

महाकुंभ में उमड़ी अपार भीड़ अब केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि काशी और अयोध्या में भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इस विशाल भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने 5 फरवरी तक स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।

अयोध्या और वाराणसी में भारी भीड़

दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु महाकुंभ के साथ-साथ काशी विश्वनाथ और रामलला के दर्शन भी कर लेना चाहते हैं। इस कारण दोनों शहरों में भीड़ इतनी ज्यादा हो गई है कि प्रशासन के लिए इसे संभालना मुश्किल हो रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बाबा विश्वनाथ और रामलला के दर्शन के लिए रोजाना 10 से 15 लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे मंदिरों के बाहर तीन किलोमीटर लंबी कतारें लग रही हैं।

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हाईवे पर लगा लम्बा जाम

प्रयागराज-अयोध्या हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है और सैकड़ों वाहन फंसे हैं। वाराणसी के रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी भारी भीड़ जमा है, जहां यात्री घंटों तक इंतजार कर रहे हैं। कई जिलों में यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन लगातार अलर्ट मोड में है।

गंगा आरती पर लगी रोक, तीर्थस्थलों पर भारी भीड़

महाकुंभ के श्रद्धालुओं के पलट प्रवाह को देखते हुए वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती में आम लोगों के शामिल होने पर रोक लगा दी गई है। गंगा सेवा निधि ने अपील की है कि श्रद्धालु ऑनलाइन आरती देखें, ताकि घाट पर भीड़ नियंत्रित की जा सके।

अयोध्या में भी पहले ही वीआईपी दर्शन रोके जा चुके हैं। अब काशी में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे हैं। इस बढ़ती भीड़ का असर चित्रकूट और मां विंध्यवासिनी धाम जैसे तीर्थ स्थलों पर भी पड़ रहा है।

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