
लखनऊ, 18 सितंबर 2026:
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुए आयोजनों को लेकर कांग्रेस, सपा व वामपंथी नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन रुकिए, अब हो-हल्ला होने वाला है। राजभर ने दावा किया कि इसके लिए टूलकिट भी तैयार है और बस हल्ले का इंतजार किया जा रहा है।
तेल जलने पर हल्ले का दावा
राजभर ने कहा कि कल पूरे देश ने घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया। अति पिछड़े व दलित समाज के लोगों ने सेवा संकल्प अभियान से जुड़कर खुशी जताई, जनता से आशीर्वाद मांगा और आशीर्वाद का दीया जलाया। उनके मुताबिक अब यही लोग सवाल उठाएंगे कि इतना तेल जल गया, बाती जल गई और दीया बर्बाद हो गया।
कांग्रेस, सपा पर लगाए आरोप
राजभर ने आरोप लगाया कि इस आयोजन से कांग्रेस, सपा व वामपंथी सवर्णों को परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा हल्ला कांग्रेस के टूलकिट वामपंथी सवर्णों व सपाइयों की ओर से मचाया जाएगा। राजभर ने दावा किया कि वामपंथी सवर्णों को छोड़ दिया जाए तो पूरा सवर्ण समाज उनके साथ है।
वामपंथी नेताओं की जाति पर उठाया सवाल
राजभर ने कहा कि अति पिछड़ों, दलितों व बहुजनों को उन वामपंथी नेताओं की जाति भी देखनी चाहिए, जो दिन-रात जाति व ब्राह्मणवाद की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि वामपंथी विचार की ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, कौन बैठा है व कौन बैठेगा, यह भी देखना चाहिए। उनके मुताबिक वहां सभी वामपंथी अगड़े मिलेंगे। राजभर ने कहा कि ब्राह्मणवाद के नाम पर गाली किसे दिलाई जाती है व विचार की दुकान किसके हाथ में है, यह तस्वीर देखने से साफ हो जाएगी।
मोदी, राजभर व निषाद का भी लिया नाम
राजभर ने कहा कि ये लोग राजा व राज परिवारों के इर्द-गिर्द जीने वाले हैं। उनके मुताबिक गरीब व सामान्य परिवार से निकलकर कोई व्यक्ति अपने दम पर ऊपर पहुंचे, यह इन्हें पसंद नहीं आता। उन्होंने इसमें नरेंद्र मोदी, राजभर, निषाद सहित दलित व अति पिछड़े समाज से निकले लोगों का नाम लिया।
मार्क्स-लेनिन से अंबेडकर तक का जिक्र
राजभर ने कहा कि कल तक मार्क्स व लेनिन को मानने वाले अचानक अंबेडकरवादी हो गए। लोहिया व जेपी के नाम पर पार्टी चलाने वाले अचानक रंग बदलकर जय भीम कहने लगे। उन्होंने कहा कि इतनी जल्दी विचार, नारे व महापुरुष बदल जाएं तो सोचने वाली बात है।
पिछड़े-दलितों को लेकर भी साधा निशाना
राजभर ने कहा कि अति पिछड़ों व दलितों को वर्षों से अपने विचारों के जाल में फंसाने की कोशिश एक खास जमात ने की। उनके मुताबिक यही जमात तब सबसे ज्यादा परेशान होती है, जब अति पिछड़ा, दलित व बहुजन उसके बताए रास्ते के बजाय अपना रास्ता खुद चुनने लगता है। उन्होंने कहा कि घांची-तेली समाज से आने वाले नरेंद्र मोदी से भी इन्हें यही परेशानी है।
कांग्रेस को वामपंथ की प्रयोगशाला बताया
राजभर ने आरोप लगाया कि भारतीय वामपंथ कांग्रेस की प्रयोगशाला है, जहां देश व समाज को बांटकर कुछ परिवारों की गुलामी करने की ट्रेनिंग मिलती है। उन्होंने कहा कि सारे वामपंथी अंत में वहीं नौकरी करते हैं।
बोले, पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया
UP Election Strategy : राजभर ने कहा कि पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया है। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके चेहरे पर लगा नकाब उतर चुका है। राजभर ने कहा कि पिछड़ों व दलितों को जितना बांटने की कोशिश की जाएगी, वे उतना ही जुड़ते जाएंगे।






