
लखनऊ, 31 जुलाई 2026:
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भदोही जिले का नाम दोबारा संत रविदास नगर किए जाने पर यूपी की योगी सरकार के प्रति आभार जताया है। उन्होंने X पर पोस्ट कर कहा कि उनकी पार्टी की सरकार ने भदोही को जिला मुख्यालय का दर्जा देकर संत रविदास नगर नाम से नया जिला बनाया था, जिसे बाद में सपा सरकार ने बदल दिया था।

मायावती ने फैसले को बताया सही कदम
मायावती ने कहा कि संत रविदास नगर का नाम फिर से बहाल किया जाना सही फैसला है। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा कि बसपा सरकारों के दौरान प्रशासन को बेहतर बनाने के साथ आम लोगों की सुविधा के लिए कई नए जिले, तहसील, विकास खंड, पुलिस जोन व रेंज बनाए गए थे।
महापुरुषों के नाम पर बनाए गए जिलों का जिक्र
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उनकी सरकारों के दौरान कई जिलों के नाम दलित, पिछड़े वर्गों से जुड़े संतों, गुरुओं व महापुरुषों के नाम पर रखे गए थे। इनमें संत रविदास नगर, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर व भीम नगर जैसे जिले शामिल थे। मायावती का आरोप है कि बाद में सपा सरकार ने इन जिलों के नाम बदल दिए।
कांशीराम के नाम वाले जिले का भी मुद्दा उठाया
मायावती ने कासगंज जिले का नाम बदलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र के कासगंज इलाके के विकास के लिए जिला मुख्यालय का दर्जा देते हुए मान्यवर कांशीराम के नाम पर नया जिला बनाया गया था। बाद में इसका नाम भी बदल दिया गया।
9 अक्टूबर से पहले फैसला लेने की अपील
मायावती ने यूपी सरकार से मांग की है कि संत रविदास नगर की तरह कांशीराम समेत दूसरे महापुरुषों के नाम पर बनाए गए जिलों के पुराने नाम भी बहाल किए जाएं। उन्होंने कहा कि अगर यह फैसला कांशीराम के 9 अक्टूबर के परिनिर्वाण दिवस से पहले या उसी दिन किया जाता है तो बसपा इसके लिए आभारी रहेगी।






