
लखनऊ, 20 अगस्त 2026:
यूपी के युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ सीधे रोजगार और वैश्विक अवसरों से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए आईटीआई को उद्योगों से जोड़ने और प्रशिक्षण व्यवस्था को रोजगार केंद्रित बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब कौशल विकास की सफलता प्रशिक्षणार्थियों की संख्या से नहीं अपितु उन्हें मिले रोजगार और स्वरोजगार से आंकी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उद्योगों की जरूरत के मुताबिक आईटीआई के पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण विकसित किए जाएं। अप्रेंटिसशिप और ऑन-जॉब ट्रेनिंग को बढ़ावा देने के साथ आईटीआई और उद्योगों के बीच लगातार संवाद की व्यवस्था हो। हर मंडल मुख्यालय पर नियमित रोजगार मेलों का आयोजन कर युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
150 आईटीआई का होगा कायाकल्प
बैठक में बताया गया कि टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से प्रदेश के 150 राजकीय आईटीआई के उन्नयन का काम चल रहा है। इसके अलावा 62 अन्य आईटीआई के उन्नयन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उद्योगों के सहयोग से 37 राजकीय आईटीआई में एडवांस स्किल लैब भी स्थापित की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली में स्थापित किए जा रहे सीआईआईआईटी केंद्रों का संचालन जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। इन केंद्रों को आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
2,200 से ज्यादा अनुदेशक संभाल चुके हैं कार्यभार
प्रशिक्षण की गुणवत्ता के लिए अनुदेशकों की उपलब्धता को अहम बताते हुए मुख्यमंत्री ने चयन प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 2,406 अनुदेशक पदों पर चयन हो चुका है और 2,200 से अधिक चयनित अनुदेशक कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। चयनित अनुदेशकों को नियमित नियुक्ति में उनके अनुभव और कार्य के आधार पर वेटेज देने का प्रावधान करने को भी कहा गया।
जापान-जर्मनी की नौकरियों पर नजर
सरकार अब युवाओं को विदेशी रोजगार बाजार के लिए भी तैयार कर रही है। जापान और जर्मनी जैसे देशों में कुशल कामगारों की मांग को देखते हुए विदेशी भाषाओं का डिजिटल प्रशिक्षण शुरू करने के लिए कंपनियों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। वहीं प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है।
9.52 लाख युवाओं का सत्यापन, 1.44 लाख पात्र
जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े परिवारों के बच्चों और युवाओं को भी कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 9.52 लाख युवाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है, जिनमें 1.44 लाख पात्र पाए गए हैं। इनमें 8,746 युवाओं का प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण हो चुका है।
सरकार के मुताबिक पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से 21.13 लाख युवाओं को प्रशिक्षण मिला और 12.94 लाख युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री ने लक्ष्य स्पष्ट किया कि आधुनिक कौशल, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और वैश्विक रोजगार के अवसरों के जरिए उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी स्किल हब बनाया जाए।






