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प्रतीक यादव की मौत का खुला राज… फेफड़ों में जमे खून के थक्कों ने छीनी सांस, अचानक थम गई धड़कन

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म की पुष्टि, मेदांता अस्पताल में चल रहा था इलाज

लखनऊ, 13 मई 2026:

समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्व. मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की बुधवार सुबह हुई अचानक मौत ने पूरे राजनीतिक और सामाजिक हलके को स्तब्ध कर दिया। उनकी मौत को लेकर उठ रहे तमाम सवालों के बीच अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। उसने मौत की असली वजह स्पष्ट कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक यादव की मौत कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स और अत्यधिक पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म के कारण हुई। यानी उनके हृदय और श्वसन तंत्र ने अचानक काम करना बंद कर दिया था।

डॉक्टरों के अनुसार प्रतीक यादव के फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में खून के थक्के जम गए थे। ये थक्के फेफड़ों तक ऑक्सीजन और रक्त के प्रवाह को बाधित कर रहे थे। इससे उन्हें गंभीर रूप से सांस लेने में दिक्कत होने लगी। अचानक दिल पर अत्यधिक दबाव पड़ा और उनकी हृदय गति रुक गई। मेडिकल भाषा में इसे पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है, जो कई मामलों में बेहद घातक साबित होता है।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि शरीर में बने ब्लड क्लॉट टूटकर फेफड़ों की नसों में जाकर फंस गए थे। इसी वजह से फेफड़ों में रक्त संचार रुक गया और स्थिति जानलेवा बन गई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि दिल और फेफड़ों से जुड़े नमूनों को रासायनिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। Viscera preserved for chemical analysis का अर्थ है कि शरीर के कुछ अंगों और नमूनों की जांच यह पता लगाने के लिए की जाएगी कि कहीं किसी दवा, विषैले पदार्थ या अन्य रासायनिक तत्व की भूमिका तो नहीं थी।

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रिपोर्ट में दर्ज All injuries mentioned are antemortem का मतलब है कि शरीर पर मौजूद चोटें मौत से पहले की थीं। उधर मेदांता अस्पताल की मेडिसिन विभाग की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रुचिता शर्मा ने बताया कि प्रतीक यादव (38) लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन की समस्या से जूझ रहे थे। कुछ दिन पहले सांस फूलने और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां जांच में पल्मोनरी एम्बोलिज्म की पुष्टि हुई थी।

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