अनिल निषाद
अयोध्या, 31 जुलाई 2026ः
रामनगरी में अयोध्या-लखनऊ हाईवे के सोहावल क्षेत्र स्थित धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद के निर्माण के स्वरूप में बदलाव किया गया है। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने फंड की कमी को स्वीकारते हुए कहा कि मस्जिद को भव्य स्वरूप के बजाय छोटे स्वरूप में बनाया जाएगा। बोर्ड ने कहा कि आगे अगर फंड की व्यवस्था होगी तो अन्य प्रस्तावित योजनाओं को पूरा किया जाएगा।
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य मोहम्मद आजम कादरी ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा कि इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (IICF) ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए केवल मस्जिद के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला लिया है। नए प्लान के तहत कम लागत में मस्जिद का निर्माण किया जाएगा और इसे करीब एक साल में पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि मस्जिद के साथ अस्पताल, म्यूजियम और कम्युनिटी किचन समेत अन्य सुविधाएं विकसित करने की योजना थी, लेकिन फंड की कमी के कारण ये व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि जमीन जो आवंटित की गई थी, वह मस्जिद के लिए दी गई थी। इसलिए पहले नक्शा पास होने पर मस्जिद का निर्माण शुरू होगा। कहा कि इसके बाद जैसे-जैसे फंड आएगा, उसके हिसाब से आगे का दायरा बढ़ाया जाएगा। जमीन हमारे पास पर्याप्त है। कादरी ने कहा कि 3500 सौ से 4000 वर्ग फीट में मस्जिद का निर्माण कराया जाएगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के 2019 के अयोध्या फैसले के बाद धन्नीपुर गांव में मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ जमीन आवंटित की गई थी।






