अखिलेश पर राजभर का बड़ा हमला, बोले- 865 करोड़ खर्च, जेब में कितना गया?, अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दोहराई
JPNIC को बताया ‘लूट का अड्डा’, संचालन समिति में डिंपल, धर्मेंद्र यादव समेत सैफई परिवार की मौजूदगी पर उठाए सवाल, कहा- पीठ दिखाकर भागिएगा नहीं

लखनऊ, 11 अक्टूबर 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) 2027 से पहले सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के बहाने राजभर ने जेपीएनआईसी परियोजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं, संचालन समिति में परिवार के सदस्यों की भूमिका और अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती को लेकर अखिलेश को घेरा।
मंत्री राजभर ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव से सवाल किया कि जेपीएनआईसी के निर्माण पर 865 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद परियोजना अधूरी क्यों रह गई? उन्होंने आरोप लगाया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर बने इस संस्थान को ‘लूट का अड्डा’ बना दिया गया था। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि 865 करोड़ रुपये में से कितना पैसा अखिलेश की जेब में गया।
‘सैफई परिवार को संचालन समिति में क्यों रखा?’
सुभासपा प्रमुख ने जेपीएनआईसी की संचालन समिति में अखिलेश यादव के साथ डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और सैफई परिवार के सदस्यों की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जनता के पैसे से बनी इमारत के संचालन में परिवार के लोगों को क्यों शामिल किया गया था? इसके साथ ही, वहां प्रस्तावित होटल, क्लब और जिम से होने वाली कमाई को लेकर भी सवाल खड़े किए। राजभर के इन आरोपों ने जेपीएनआईसी को लेकर सियासी बहस को फिर हवा दे दी है। हालांकि, पोस्ट में लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती, बोले- ‘पीठ दिखाकर भागिएगा नहीं’
राजभर ने अपने पोस्ट में अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की चुनौती स्वीकार कर ली है। इसके बाद उन्होंने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अयोध्या से नामांकन दाखिल कर चुनाव लड़ना चाहिए जिससे उन्हें इटावा और मैनपुरी से बाहर अपनी राजनीतिक स्थिति का अंदाजा लग सके। राजभर ने तंज भरे अंदाज में कहा कि अखिलेश को मैदान में उतरना चाहिए और ‘पीठ दिखाकर भागना’ नहीं चाहिए।
अखिलेश जी,
आज भारत रत्न श्रद्धेय लोकनायक जय प्रकाश नारायण जी की पावन जयंती है। उन्हें सादर नमन करते हुए आप से बस यही पूछना चाहता हूं कि आखिर श्रद्धेय लोकनायक के नाम पर आपने जेपीएनआईसी जैसा लूट का अड्डा बनाने का जो हसीन सपना पाला था, उसे 865 करोड़ रुपए खर्च करके भी अधूरा क्यों छोड़ दिया?
बता दीजिए 865 करोड़ में आपके जेब में कितना गया? जेपीएनआईसी की संचालन समिति में आपने खुद को रखा, डिंपल जी, धर्मेंद्र जी और सैफई परिवार को क्यों बैठा रखा?
जनता के पैसों से बनी इमारत के संचालन में परिवार को क्यों घुसा रखा था? आखिर वहां बनने वाले होटल, क्लब, जिम की कमाई किसकी जेब में जानी थी?
जवाब जरूर दीजिएगा!
और हां… योगी जी ने अयोध्या जी से लड़ने की आपकी चुनौती स्वीकार कर ली है। अब पीछे नहीं भागिएगा। वरना आपके लोडर कहेंगे कि हमारा नेता एसी, पीसी और ट्विटर से बाहर ही नहीं निकलता है।
आइये महाराज, भरिए अयोध्या जी से नामांकन। लड़िए। इसी बहाने आपको ज़मीनी सच्चाई तो पता चले कि इटावा मैनपुरी के यादवलैंड के बाहर आपकी स्थिति क्या है।
बस आख़िर में इतना ही कि पीठ दिखाकर भागिएगा नहीं।
जय भारत, जय श्रीराम, जय महाराजा सुहेलदेव।
@yadavakhilesh
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) October 11, 2026
ओमप्रकाश राजभर इससे पहले भी अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर निशाना साध चुके हैं। राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में उन्होंने PDA की व्यंग्यात्मक व्याख्या ‘परिवार, दौलतमंद और अपराधी’ के रूप में करते हुए प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी का जिक्र किया था।






