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Paan Masala पैकिंग पर अब ‘नो प्लास्टिक’ नियम, कंपनियों को बड़ा झटका… जानिए क्या बदला

FSSAI ने पैकेजिंग नियम किए सख्त, प्लास्टिक से लेकर एल्युमिनियम फॉइल और मेटलाइज्ड लेयर पर रोक, अब कागज, सेलुलोज, टिन और कांच जैसे विकल्पों में करनी होगी पैकिंग

न्यूज डेस्क, 12 अगस्त 2026:

पान मसाला चबाने वालों के साथ-साथ इसके निर्माताओं के लिए भी बड़ी खबर है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत अब पान मसाला की पैकिंग में प्लास्टिक, पॉलिमर और अन्य सिंथेटिक सामग्री के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। सरकार ने इसके लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) संशोधन नियम, 2026 जारी कर दिए हैं।
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नए नियमों के मुताबिक पान मसाला को ऐसी पैकेजिंग में रखना होगा जो पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त हो। इसमें कागज, पेपरबोर्ड, सेलुलोज या अन्य प्राकृतिक स्रोतों से बने मटीरियल का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि इन सामग्रियों में किसी भी तरह का प्लास्टिक या सिंथेटिक पॉलिमर शामिल नहीं होना चाहिए।

नियमों में पॉलीप्रोपीलीन (PP), पॉलीएस्टर, पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC), अन्य सिंथेटिक पॉलिमर, कोपॉलिमर और लेमिनेट के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। इतना ही नहीं, पैकेजिंग में एल्युमिनियम फॉइल और मेटलाइज्ड लेयर का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकेगा। कंपनियों के लिए टिन और कांच के कंटेनर को भी वैकल्पिक पैकेजिंग के तौर पर मान्यता दी गई है।

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ड्राफ्ट पर मांगी गई थीं आपत्तियां

FSSAI ने इन बदलावों को लागू करने से पहले 28 अप्रैल को संशोधित नियमों का ड्राफ्ट जारी किया था। इसमें संबंधित पक्षों और आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। प्राधिकरण के अनुसार, प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार-विमर्श के बाद अंतिम नियम जारी किए गए हैं। संशोधन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत बनाए गए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के संबंधित प्रावधान पान मसाला की पैकेजिंग पर भी लागू होंगे।
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पान मसाला पर प्रतिबंध नहीं

FSSAI ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव पान मसाला उत्पाद पर प्रतिबंध नहीं है। संशोधन का उद्देश्य सिर्फ उसकी पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों को नियंत्रित करना है। यानी पान मसाला की बिक्री या उत्पादन पर रोक लगाने के बजाय अब कंपनियों को उसकी पैकेजिंग के लिए निर्धारित प्लास्टिक-मुक्त विकल्पों का ही इस्तेमाल करना होगा। नए नियम खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत FSSAI को मिले अधिकारों और केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति के आधार पर जारी किए गए हैं।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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