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हर जन्मदिन पर लगाएं एक पौधा… युवाओं और बच्चों को CM योगी का संदेश

विश्व पर्यावरण दिवस से पहले मुख्यमंत्री ने लिखी पाती, पर्यावरण संरक्षण को बताया सांस्कृतिक और नैतिक दायित्व, बोले- जल, जंगल और जमीन की रक्षा ही विकसित यूपी की असली नींव

लखनऊ, 1 जून 2026:

विश्व पर्यावरण दिवस से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक भावनात्मक और प्रेरक पत्र लिखकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है। ‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री ने प्रकृति को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अभिन्न अंग बताते हुए जल, जंगल, भूमि और जैव विविधता के संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में वृक्षों, पहाड़ों, नदियों और प्राणियों की पूजा की परंपरा रही है। वेदों में प्रकृति की उपासना को ईश्वर की आराधना माना गया है। अग्नि, वायु, जल और पृथ्वी जैसे प्राकृतिक तत्वों को देवस्वरूप मानने वाली भारतीय संस्कृति आज भी पर्यावरण संरक्षण का सबसे बड़ा संदेश देती है। उन्होंने कहा कि 5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति सामूहिक कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर होना चाहिए।

सीएम योगी ने पत्र में सनातन परंपरा में वर्णित देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण का उल्लेख करते हुए कहा कि देव ऋण का सीधा संबंध प्रकृति से है और जल, वन तथा भूमि का संरक्षण ही इस ऋण से उऋण होने का मार्ग है। उन्होंने वट सावित्री व्रत, छठ पर्व और महाकुंभ जैसे आयोजनों का उदाहरण देते हुए बताया कि भारतीय संस्कृति का प्रकृति से गहरा और अटूट संबंध रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जल संरक्षण, वृक्षारोपण और नदियों के पुनर्जीवन का संकल्प पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने ‘जल है तो हम हैं’ को जीवन का मूल मंत्र बताते हुए प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शेखा झील पक्षी अभयारण्य के रामसर स्थल घोषित होने के बाद उत्तर प्रदेश में ऐसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के आर्द्र क्षेत्रों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।

वहीं ‘एक जनपद-एक नदी’ योजना नदियों के पुनरुद्धार का सफल उदाहरण बनकर उभरी है। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का नेतृत्व करने का आह्वान किया। साथ ही बच्चों से अपील की कि वे हर वर्ष अपने जन्मदिन या किसी विशेष अवसर पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल भी करें। उन्होंने प्रदेशवासियों से विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रकृति संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन और वृक्षों की रक्षा का सामूहिक संकल्प लेने का आग्रह किया।

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