बाराबंकी, 9 मई 2026:
बाराबंकी के रामनगर तहसील क्षेत्र में चौकाघाट रेलवे स्टेशन के पास स्थित संजय सेतु के निकट पांटून पुल पर देर रात मरम्मत कार्य के दौरान करीब एक घंटे तक यातायात ठप रहा। नेपाल, गोंडा और बलरामपुर को जोड़ने वाले इस अहम मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। एंबुलेंस समेत सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन जाम में फंस गए।
दरअसल लखनऊ-बहराइच-गोंडा मार्ग पर बने संजय सेतु एक माह से आवागमन के लिए बंद है। भारी वाहन चहलारी घाट होकर डायवर्ट किये गए हैं। वहीं छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक पांटून पुल बनाया गया है। बहराइच व गोंडा के साथ नेपाल जाने के लिए भी रोजाना हजारों वाहन इस पुल से गुजर रहे है। शुरुआती दिनों में तो पुल ट्रैफिक का लोड बर्दाश्त कर गया लेकिन समय बीतने के साथ नट बोल्ट जवाब देने लगे हैं। हालत ये है कि दिन भर में नट बोल्ट ढीले हो जाते हैं लोहे की मोटी चादर उखड़ने लगती है ऐसे में कोई हादसा न हो इसके लिए रात में ट्रैफिक रोककर मरम्मत की जाती है।
ऐसा ही बीती रात एक बार फिर हुआ। पुल की मरम्मत के तहत कर्मचारियों ने नट-बोल्ट कसने और दूसरे जरूरी काम शुरू किए थे। सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। जैसे ही यातायात बंद हुआ, पुल के दोनों ओर ट्रक, बस, कार और दोपहिया वाहनों की लाइन लग गई। एक एम्बुलेंस भी फंस गई।
पीपा पुल की देखरेख कर रही एजेंसी के मुताबिक दिनभर भारी वाहनों के गुजरने से पुल के नट-बोल्ट ढीले पड़ जाते हैं। दिन में ट्रैफिक का दबाव अधिक रहने के कारण मरम्मत संभव नहीं होती, इसलिए यह काम रात में किया जाता है। कर्मचारियों के मुताबिक नदी के नीचे स्टीमर की मदद से भी कई हिस्सों की मरम्मत की जाती है, जिसमें वक्त लगता है। उनका कहना है कि पुल की मजबूती और यात्रियों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस तरह की नियमित रिपेयरिंग जरूरी है।






